गणेश गोदियाल
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा सत्र से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरने के बाद भाजपा ने भी उन पर जोरदार हमला बोला है। दोनों दलों के बीच ‘लोकतंत्र’ और ‘सदन की मर्यादा’ को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
विपक्ष की आवाज दबा रही सरकार: गणेश गोदियाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था(Law & Order) पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार गंभीर विषयों पर चर्चा से भाग रही है। उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस सत्ता में होती और विपक्ष एक दिन की चर्चा मांगता, तो हम दो दिन चर्चा कराने को तैयार रहते।” गोदियाल ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में विपक्ष को मंच देने के बजाय उनकी आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार को अपने एजेंडे से बाहर निकलकर जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में विस्तृत चर्चा करनी चाहिए और अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
कांग्रेस के पास मुद्दों का अकाल: भाजपा
गोदियाल के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता कमलेश रमन ने कांग्रेस को उनके कार्यकाल की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सदन में कितना भी समय दे दिया जाए, उन्हें हमेशा कम ही लगेगा। रमन ने तंज कसते हुए कहा, “कांग्रेस के पास प्रदेश हित में कोई नीति या मुद्दा नहीं है। मुख्यमंत्री धामी हर पक्ष को सुनते हैं और सुधार करते हैं, लेकिन कांग्रेस केवल सदन की कार्यवाही में बाधा डालना जानती है।” भाजपा ने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष तय करते हैं कि किसे बोलना है, सरकार किसी को नहीं रोकती।
सदन में जनसंवाद पर रहेगा जोर
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि इस बार भारतीय जनता पार्टी सत्र के दौरान जनसंवाद और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में जनहित के मुद्दों पर बात करेगी, तो भाजपा को कोई एतराज नहीं होगा, लेकिन केवल राजनीति के लिए समय मांगना कांग्रेस का दुर्भाग्य है।
