भुवन चंद्र खंडूड़ी
उपराष्ट्रपति, राज्यपाल समेत हजारों ने दी श्रद्धांजलि
सीएम धामी ने कहा— ‘खंडूड़ी जी मेरे अभिभावक और प्रेरणास्रोत थे, राजनीति में एक युग का अंत’
देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता भुवन चंद्र खंडूड़ी को बुधवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। देहरादून के वसंत विहार स्थित उनके आवास से जब उनकी अंतिम यात्रा निकली, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। इस दौरान उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित हजारों कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम जनता ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकली अंतिम यात्रा
बुधवार सुबह करीब 11 बजे खंडूड़ी जी का पार्थिव शरीर उनके आवास से अंतिम संस्कार स्थल के लिए रवाना हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं उनके आवास पहुंचे और पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम यात्रा की शुरुआत की। अंतिम यात्रा के दौरान पूरा वातावरण ‘भुवन चंद्र खंडूड़ी अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। पुलिस बैंड ने शोक धुन बजाकर दिवंगत नेता को सलामी दी और उनके पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज में लपेटा गया।
उपराष्ट्रपति और राज्यपाल ने अर्पित किया पुष्पचक्र
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने खंडूड़ी जी के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें नमन किया।
“भुवन चंद्र खंडूड़ी एक अनुशासित, निष्ठावान और सच्चे जनसेवक थे। उनका जीवन हर राजनीतिक कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा है।” — सी. पी. राधाकृष्णन, उपराष्ट्रपति
राज्यपाल ने उन्हें ‘आदर्श सार्वजनिक व्यक्तित्व’ बताते हुए कहा कि उत्तराखंड ने आज अपने एक सच्चे निर्माता को खो दिया है।
“मेरे मार्गदर्शक थे खंडूड़ी जी” — मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अंतिम विदाई के दौरान बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “भुवन चंद्र खंडूड़ी जी केवल एक वरिष्ठ नेता नहीं थे, बल्कि वे मेरे अभिभावक, प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक थे। उनका अनुशासन, सादगी, और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण सदैव मेरा मार्गदर्शन करता रहेगा। उन्होंने मुझे जो संस्कार और आदर्श दिए, वह मेरे लिए एक अमूल्य धरोहर हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से उत्तराखंड की राजनीति में एक बड़े युग का अंत हो गया है।
कुशल प्रशासक और जनप्रिय नेता का सफर
भुवन चंद्र खंडूड़ी उत्तराखंड के दो बार मुख्यमंत्री रहे। वे अपनी ईमानदारी, कड़े अनुशासन और कुशल प्रशासनिक क्षमता के लिए जाने जाते थे। भारतीय जनता पार्टी के एक मजबूत स्तंभ के रूप में उन्होंने राज्य के विकास में जो योगदान दिया, उसे हमेशा याद रखा जाएगा। आम जनता और कार्यकर्ताओं के बीच वे आदर से ‘दादा’ के नाम से लोकप्रिय थे।
