देहरादून। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, देहरादून में शनिवार को आयोजित “अकादमिक कॉन्क्लेव – विकसित भारत 2047 : उच्च शिक्षा की परिवर्तनकारी भूमिका” ने शिक्षा, नवाचार और राष्ट्र निर्माण के विषय पर सार्थक विमर्श का मंच प्रदान किया। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

इस अवसर पर शिवालिक कॉलेज परिसर में निर्मित नवीन अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का भी लोकार्पण किया गया। यह ऑडिटोरियम विद्यार्थियों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं शोध गतिविधियों को नई दिशा प्रदान करेगा तथा बड़े आयोजनों के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त मंच उपलब्ध कराएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के उपाध्यक्ष श्री अजय कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्थान विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कॉलेज को प्राप्त विभिन्न राष्ट्रीय प्रत्यायनों एवं मान्यताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शिवालिक लगातार उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्य अतिथि श्री नितिन नवीन ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का सपना केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों, शिक्षकों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से साकार होगा। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप ढालना समय की मांग है। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, अनुसंधान और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का युवा भारत विश्व को दिशा देने की क्षमता रखता है।

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार खोजने के साथ-साथ रोजगार सृजक बनने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि नवाचार, स्टार्टअप और अनुसंधान आधारित सोच ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी। उन्होंने छात्रों से स्थानीय समस्याओं के तकनीकी समाधान विकसित करने और समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप उद्यम स्थापित करने का आग्रह किया।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने उच्च शिक्षा संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से ज्ञान, कौशल और नैतिक मूल्यों के समन्वय के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री महेंद्र भट्ट ने युवाओं को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए शिक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
कॉन्क्लेव में आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्री प्रकाश सिंह तथा उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) त्रिप्ता ठाकुर ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने उद्योग-अकादमिक सहयोग, तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान संस्कृति, नवाचार और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप उच्च शिक्षा को सशक्त बनाने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के समापन पर अकादमिक डीन डॉ. सुरमधुर पंत ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजन समिति का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव विद्यार्थियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में अपनी भूमिका को समझने और उसे साकार करने के लिए प्रेरित करेगा।
शिक्षा, नीति, नवाचार और राष्ट्र निर्माण को एक मंच पर लाने वाला यह अकादमिक कॉन्क्लेव प्रतिभागियों के लिए प्रेरणादायी और ज्ञानवर्धक अनुभव साबित हुआ।
