हरीश रावत की फ्रूट पार्टी
देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के कद्दावर नेता हरीश रावत अपने खास अंदाज और पहाड़ी संस्कृति के प्रति प्रेम के लिए जाने जाते हैं। इसी कड़ी में, उन्होंने भीषण गर्मी से राहत और मौसमी फलों का लुत्फ उठाने के लिए एक विशेष ‘फ्रूट पार्टी’ का आयोजन किया। इस पार्टी में प्रदेश भर से आए कांग्रेस के दिग्गज नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और मौसमी सौगातों का आनंद लिया।
भगवानपुर के फल और पहाड़ का बुरांश
इस पार्टी का मुख्य आकर्षण मैदान और पहाड़ का अनूठा संगम रहा। टेबल पर भगवानपुर और अन्य मैदानी क्षेत्रों में पैदा होने वाले रसीले तरबूज, खरबूजे, खीरा और ककड़ी सजाए गए थे। वहीं, पहाड़ की ठंडक का अहसास कराने के लिए बुरांश का जूस और हरिद्वार का प्रसिद्ध गुड़ भी परोसा गया। हरीश रावत ने बताया कि इन मौसमी फलों को पार्टी में शामिल करने का उद्देश्य स्थानीय पैदावार को बढ़ावा देना है।
बचपन का शौक और खेती को बढ़ावा
मीडिया से बातचीत के दौरान हरीश रावत ने मुस्कुराते हुए कहा, “खीरा, ककड़ी, खरबूजा और तरबूज प्रकृति की मौसमी सौगात हैं। मुझे बचपन से ही इस तरह की दावतों का शौक रहा है।” उन्होंने यह भी साझा किया कि वे स्वयं भगवानपुर क्षेत्र के किसानों को इन फलों की खेती के लिए प्रेरित करते रहे हैं। उन्हीं किसानों और समर्थकों के आग्रह पर इस विशेष जायके वाली पार्टी का आयोजन किया गया।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
यूं तो यह एक पारिवारिक और मैत्रीपूर्ण आयोजन था, लेकिन कांग्रेस के बड़े नेताओं की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बना दिया। पार्टी में आए कार्यकर्ताओं ने न केवल फलों का स्वाद लिया, बल्कि हरीश रावत के साथ आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर भी चर्चा की।
