अस्पताल प्रबंधन
हल्द्वानी। शहर के एक नामी निजी अस्पताल की कार्यप्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। आंख का इलाज कराने आए 38 वर्षीय व्यक्ति की उपचार के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, पीछे छूटे 8 बच्चे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी 38 वर्षीय व्यक्ति अपनी आंखों की समस्या का उपचार कराने हल्द्वानी के एक प्रतिष्ठित निजी अस्पताल पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि इलाज की प्रक्रिया के दौरान अचानक मरीज की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। मृतक अपने पीछे आठ बच्चों (पांच बेटियां और तीन बेटे) का भरा-पूरा परिवार छोड़ गया है। पिता की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
कोतवाली से लेकर अस्पताल तक आक्रोश
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और परिचित रामनगर से हल्द्वानी कोतवाली पहुंचे। आक्रोशित भीड़ को देखते हुए सीओ हल्द्वानी अमित सैनी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया। हालांकि, आश्वासन से असंतुष्ट परिजन सीधे अस्पताल परिसर पहुंच गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल में संबंधित डॉक्टर के मौजूद न होने पर परिजनों का गुस्सा और भड़क गया।
प्रशासनिक जांच और न्याय की मांग
सीओ अमित सैनी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी। चिकित्सा विशेषज्ञों की राय और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। वहीं, स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा रोष है। लोगों का कहना है कि निजी अस्पतालों में बढ़ती लापरवाही पर लगाम लगाना बेहद जरूरी है।
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और आठ बच्चों के सिर से पिता का साया छिनने के जिम्मेदार दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
