डिजिटल ठगी
देहरादून। राजधानी में साइबर ठगों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। इस बार जालसाजों ने ओएनजीसी (ONGC) से सेवानिवृत्त एक 70 वर्षीय बुजुर्ग को अपना निशाना बनाया और निवेश के नाम पर उनसे 1.87 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि ठग ली। पीड़ित की तहरीर पर साइबर क्राइम थाना देहरादून ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ ठगी का जाल
राजेंद्र नगर, कौलागढ़ रोड निवासी पीड़ित दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस को बताया कि ठगी की शुरुआत 31 जनवरी 2026 को एक व्हाट्सएप मैसेज के जरिए हुई। खुद को ‘आदित्य बिरला सन लाइफ’ की अधिकारी बताने वाली दीया मेहरा नामक महिला ने उनसे संपर्क किया और निवेश योजना का लालच दिया। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां शेयर ट्रेडिंग से होने वाले भारी मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर उनका भरोसा जीता गया।
वीआईपी ग्रुप और फर्जी मुनाफे का खेल
आरोपियों ने पीड़ित को हाई नेटवर्थ ट्रेडिंग के लिए एक वीआईपी ग्रुप में शामिल किया और निवेश के लिए प्रेरित किया। खुद को वैध दिखाने के लिए जालसाजों ने एक फर्जी सेबी रजिस्ट्रेशन नंबर भी साझा किया। पीड़ित ने शुरुआत में 49 हजार रुपये निवेश किए। जब उन्हें ट्रेडिंग अकाउंट (जो कि फर्जी था) में मुनाफा दिखने लगा, तो उन्होंने भरोसा करके अलग-अलग किस्तों में 1 करोड़ 17 लाख 64 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए।
शुल्क के नाम पर वसूले लाखों रुपये
इतना ही नहीं, ठगों ने ‘ब्रोकरेज शुल्क’ के नाम पर 70 लाख रुपये और जमा करवा लिए। हद तो तब हो गई जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालनी चाही। आरोपियों ने पैसा देने के बजाय 1 करोड़ रुपये ब्रोकरेज और 1 करोड़ रुपये आयकर के नाम पर और मांगे। इतनी बड़ी रकम की मांग होने पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ, जिसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल और थाने में शिकायत दर्ज कराई।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़ित की शिकायत पर साइबर पुलिस ने दीया मेहरा, अनन्या शास्त्री और खुद को प्रोफेसर ए. बालासुब्रमण्यम बताने वाले व्यक्ति समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जिन बैंक खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है, उन्हें खंगाला जा रहा है।
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