एसडीएम गोपाल सिंह चौहान
रामनगर: गैस की किल्लत की खबरों पर एसडीएम का सख्त रुख
रामनगर | पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गैस की किल्लत की चर्चाओं और उपभोक्ताओं की बढ़ती भीड़ के बीच प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। गुरुवार को एसडीएम गोपाल सिंह चौहान ने सभी गैस एजेंसी संचालकों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट किया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और जनता को किसी भी तरह की अफवाह या बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
सर्वर की समस्या बनी रोड़ा, ‘मैनुअल’ वितरण पर विचार एसडीएम चौहान ने बताया कि रामनगर की पांचों गैस एजेंसियों में सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है। समस्या केवल बुकिंग प्रक्रिया में आ रहे तकनीकी व्यवधान के कारण हो रही है।
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समाधान: एजेंसी संचालकों को इंडियन ऑयल कंपनी के नोडल अधिकारियों से तुरंत वार्ता करने के निर्देश दिए गए हैं।
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विकल्प: यदि सर्वर की समस्या जल्द दूर नहीं होती, तो जिला पूर्ति अधिकारी और जिलाधिकारी से अनुमति लेकर ‘मैनुअल माध्यम’ से गैस वितरण शुरू किया जाएगा।
गोदाम पर न आएं उपभोक्ता, ‘होम डिलीवरी’ ही होगा विकल्प प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं:
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होम डिलीवरी अनिवार्य: गैस सिलेंडर का वितरण गोदाम से कतई नहीं होगा। पूर्व की भांति सिलेंडर सीधे उपभोक्ता के घर पहुंचाए जाएंगे।
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जनता से अपील: एसडीएम ने आम जनता से अपील की है कि वे सिलेंडर लेने के लिए गोदामों पर न जाएं, वितरण वाहन खुद उनके घर पहुंचेंगे।
कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश, GPS से होगी निगरानी गैस वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए एसडीएम ने सभी संचालकों को निर्देश दिया है कि वे अपने वितरण वाहनों में तत्काल GPS सिस्टम इंस्टॉल करें। इससे गैस की रिफिलिंग और अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जा सकेगी।
“रामनगर में गैस की कोई कमी नहीं है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि एक-दो दिन के भीतर बुकिंग की तकनीकी दिक्कतें दूर हो जाएं। व्यवस्था बिगाड़ने वालों और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।” — गोपाल सिंह चौहान, एसडीएम रामनगर
