मौसम अपडेट
देहरादून| मई का महीना, जिसमें आमतौर पर सूरज की तपिश और लू के थपेड़े लोगों को बेहाल करते हैं, इस बार उत्तराखंड में दिसंबर-जनवरी जैसी ठिठुरन लेकर आया है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से जारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के समान ठंडी हवाओं ने पारे को बुरी तरह गिरा दिया है। आलम यह है कि जो लोग पंखे और एसी चलाने की तैयारी में थे, उन्हें फिर से संदूक से अपनी जैकेट और स्वेटर निकालने पड़े हैं।
मसूरी में सन्नाटा, होटलों में कैद हुए पर्यटक
पहाड़ों की रानी मसूरी में बुधवार से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मॉल रोड और प्रमुख बाजारों में जो चहल-पहल रहती थी, वहां सन्नाटा पसरा है। घने कोहरे और फिसलन के कारण सड़कों पर आवाजाही मुश्किल हो गई है। मसूरी का अधिकतम तापमान गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। दूर-दराज से आए पर्यटक गर्मी से राहत पाने आए थे, लेकिन ठंड के कारण वे अपने होटलों में ही कैद होकर रह गए हैं।
पिंडर घाटी और घनसाली में ओलावृष्टि की मार, किसान बेहाल
एक ओर जहां शहरों में मौसम सुहाना लग रहा है, वहीं काश्तकारों के लिए यह आपदा बनकर टूटा है। चमोली की पिंडर घाटी और भिलंगना ब्लॉक में भारी ओलावृष्टि ने गेहूं की तैयार फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है।
-
फसलों का नुकसान: किसानों की सालभर की मेहनत पर पानी फिर गया है। कटी हुई फसल खेतों में सड़ने लगी है।
-
मुआवजे की मांग: प्रभावित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से नुकसान का उचित आकलन कर जल्द से जल्द मुआवजे की गुहार लगाई है।
चारधाम यात्रा पर भी असर
हरिद्वार और ऋषिकेश जैसे मैदानी इलाकों में भी सुबह से बारिश का दौर जारी है। बारिश और गिरते पारे के कारण चारधाम यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी गई है। श्रद्धालु मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क रहने और मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी है।
