कैबिनेट बैठक
राज्य आंदोलनकारियों को भर्तियों में 10% क्षैतिज आरक्षण; उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य बनाने और आबकारी नीति में दोहरा टैक्स खत्म करने को मंजूरी
देहरादून।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में आयोजित कैबिनेट की अहम बैठक में राज्य के विकास और कर्मचारियों के हित में 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। बैठक की शुरुआत में एक शोक प्रस्ताव पास किया गया, जिसके तहत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल (से.नि.) बी.सी. खंडूड़ी और मशहूर शूटर व पद्म श्री अवॉर्डी जसपाल राणा को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद कैबिनेट ने कई बड़े और नीतिगत फैसलों को हरी झंडी दिखाई।
इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला उपनल कर्मचारियों के पक्ष में रहा, जहां सरकार ने ‘समान कार्य समान वेतन’ के दायरे को बढ़ाते हुए कट-ऑफ डेट की बंदिशों को खत्म कर दिया है। इसके साथ ही सरकार ने हाल ही में हुई सरकारी भर्तियों में राज्य आंदोलनकारियों के लिए 10 फीसदी क्षैतिज आरक्षण को शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश को पूरी तरह साक्षर घोषित करने और आबकारी नीति में वेट व सेस के दोहरे टैक्स को खत्म करने जैसे निर्णयों से राजस्व और सामाजिक ढांचे में बड़े सुधार की उम्मीद है।
कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु (Key Highlights):
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उपनल कर्मियों को सौगात: उपनल कर्मचारियों के मामले में अब कट-ऑफ डेट से बाहर वाले कर्मियों को भी ‘समान कार्य समान वेतन’ का लाभ मिलेगा।
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क्षैतिज आरक्षण लागू: राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाले 10% क्षैतिज आरक्षण को हालिया सरकारी भर्तियों में शामिल कर लिया गया है।
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पूर्ण साक्षरता का संकल्प: उत्तराखंड को ‘पूर्णतः साक्षर राज्य’ घोषित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने अपनी सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
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दोहरा टैक्स खत्म: आबकारी नियमावली में संशोधन करते हुए अब वेट (VAT) और सेस (Cess) के रूप में लगने वाले दोहरे टैक्स को समाप्त कर दिया गया है।
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परफ्यूम जांच प्रयोगशाला: कृषि विभाग के अंतर्गत सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (CAP) में परफ्यूम की शुद्धता जांचने के लिए एक आधुनिक प्रयोगशाला बनाई जाएगी।
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अंतरराष्ट्रीय कार रैली: पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित होने वाली ‘हिमालय कार रैली’ को मंजूरी मिल गई है, जिसमें दुनिया के 25 देशों के रेसर हिस्सा लेंगे।
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चारधाम यात्रा में पशुओं का बीमा: यात्रा मार्ग पर इस्तेमाल होने वाले घोड़े-खच्चरों के बीमा की 20 फीसदी धनराशि (करीब 1 करोड़ रुपये) अब राज्य सरकार वहन करेगी।
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टेंडर समय सीमा में छूट: सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कोलतार (तारकोल) की कमी को देखते हुए टेंडर की अनुबंध समय-सीमा को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
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अन्य फैसले: ‘उत्तराखंड संस्कृत नियमावली 2026’ में संशोधन, कारागार नियमावली में अभ्यस्त अपराधियों की नई परिभाषा का निर्धारण और पशुपालन विभाग के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कृत्रिम गर्भधारण योजना को मंजूरी दी गई है।
