चंपावत
चंपावत : उत्तराखंड में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान’ के तहत चंपावत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 306 ग्राम स्मैक (हेरोइन) के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि स्मैक की खेप भारत-नेपाल सीमा के रास्ते एक नेपाली खरीदार तक पहुंचाई जानी थी।
संदिग्ध वाहन की जांच के दौरान हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देशन में जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण तथा एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने टनकपुर कोतवाली क्षेत्र के सैलानी गोठ, काला झाला गौशाला तिराहे के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया।
चेकिंग के दौरान UP 26 AY 5188 नंबर की प्लेटिना मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी में उनके कब्जे से कुल 306 ग्राम स्मैक/हेरोइन बरामद हुई। इसके बाद दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है—
गुरदीप सिंह (25 वर्ष), पुत्र हरजिंदर सिंह, निवासी बाजार घाट, थाना हजारा, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)
सुनील सिंह (22 वर्ष), पुत्र हरजिंदर सिंह, निवासी बाजार घाट, थाना हजारा, जनपद पीलीभीत (उत्तर प्रदेश)
दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचनी थी स्मैक की खेप
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने यह स्मैक मनु सिंह, निवासी बाजार घाट, पीलीभीत (उत्तर प्रदेश) से खरीदी थी। योजना के अनुसार इस खेप को भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में एक नेपाली खरीदार को सौंपा जाना था। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से तो नहीं है।
मामले में अग्निवीर प्रशिक्षण प्राप्त युवक भी शामिल
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सुनील सिंह हाल ही में अग्निवीर भर्ती के तहत प्रशिक्षण ले चुका था। पुलिस के अनुसार वह प्रशिक्षण के दौरान बीमारी का हवाला देकर घर लौटा था और बाद में अपने साथी गुरदीप सिंह के साथ कथित रूप से नशा तस्करी में शामिल हो गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि उसकी गतिविधियां कब और कैसे इस नेटवर्क से जुड़ीं।
चंपावत की पुलिस अधीक्षक रेखा यादव ने बताया कि ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान’ के तहत यह एक महत्वपूर्ण सफलता है। उन्होंने कहा कि 306 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है और उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पूरे तस्करी नेटवर्क की गहन जांच जारी है तथा इसमें शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
नशे के खिलाफ अभियान जारी
उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि राज्य में नशा तस्करी पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी, वाहन चेकिंग और खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि मादक पदार्थों की तस्करी या बिक्री से संबंधित किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि नशा मुक्त समाज बनाने के अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके।
