राजपुर थाना
प्रमुख बिंदु
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राजपुर थाना क्षेत्र का मामला: जिस मां ने दर्ज कराई थी अपहरण की रिपोर्ट, वही निकली मुख्य साजिशकर्ता।
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आर्थिक तंगी बनी वजह: पैसों के लालच में नाबालिग बेटी को बेचा, पूरी रकम न मिलने पर गढ़ी झूठी कहानी।
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पुलिस की बड़ी कार्रवाई: उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग ठिकानों से चार आरोपी गिरफ्तार, बेटी सकुशल बरामद।
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गंभीर धाराएं दर्ज: मामले में BNS के साथ-साथ POCSO एक्ट की कड़ी धाराएं भी जोड़ी गईं।
देहरदून :राजपुर थाना पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज मामले का खुलासा किया है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। जिस मां ने अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी के अपहरण का मुकदमा दर्ज कराकर पुलिस प्रशासन के होश उड़ा दिए थे, वह खुद इस पूरे कुकृत्य की मास्टरमाइंड निकली। पुलिस जांच में सामने आया है कि आर्थिक तंगी के चलते मां ने ही अपनी बेटी का सौदा किया था। जब तयशुदा पूरी रकम नहीं मिली, तो उसने पुलिस को गुमराह करने के लिए अपहरण की झूठी कहानी गढ़ दी।
एसएसपी के सख्त निर्देशों के बाद राजपुर थानाध्यक्ष पीडी भट्ट के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में दबिश दी। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता मां समेत कुल चार आरोपियों को दबोच लिया है और नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया है।
मानव तस्करी के एंगल की भी जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब यह खंगालने में जुटी है कि क्या यह गिरोह पहले भी मानव तस्करी या ऐसे ही किसी आपराधिक कृत्यों में संलिप्त रहा है या नहीं।
