चारधाम
देहरादून। चारधाम यात्रा के दौरान घोड़े-खच्चरों के स्वास्थ्य और उनके साथ होने वाली क्रूरता को रोकने के लिए धामी सरकार ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की नई एसओपी (SOP) और निरंतर निगरानी के चलते पशुओं की मृत्यु दर में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।
दो महीने पहले ही शुरू हुई मेडिकल जांच
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने बताया कि इस वर्ष यात्रा शुरू होने से दो महीने पहले ही उन गांवों में विशेष हेल्थ कैंप लगाए गए थे, जहाँ से घोड़े-खच्चर यात्रा में शामिल होते हैं। सभी पशुओं की गहन मेडिकल जांच के बाद ही उन्हें ‘हेल्थ सर्टिफिकेट’ जारी किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी बीमार, वृद्ध या छोटे घोड़े को यात्रा मार्ग पर चलने की अनुमति नहीं दी गई है।
निगरानी के लिए तैनात की गई विशेष टीमें
पशुओं पर अत्याचार रोकने के लिए सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। मंत्री ने बताया कि केदारनाथ धाम में 50 लोगों की एक समर्पित टीम और यमुनोत्री धाम में 10 लोगों की टीम तैनात की गई है। यह टीमें यात्रा मार्गों पर लगातार गश्त कर रही हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार हो और उन्हें पर्याप्त विश्राम मिले।
2022 के मुकाबले मौतों के आंकड़ों में बड़ी गिरावट
सरकारी प्रयासों की सफलता का उल्लेख करते हुए सौरभ बहुगुणा ने कहा कि वर्ष 2022 में यात्रा के दौरान 250 से अधिक घोड़े-खच्चरों की मौत की दुखद खबरें आई थीं। लेकिन सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य मानकों के चलते, वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर मात्र 25-26 रह गई है। उन्होंने इसे पशु कल्याण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया।
