लालकुआँ : वन्यजीव सुरक्षा के दावों के बीच लालकुआँ क्षेत्र में एक बार फिर वन विभाग की लापरवाही उजागर हुई है। कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत बबूर गुमटी स्थित इंडियन ऑयल डिपो के पास नैनीताल-बरेली हाईवे पर एक अज्ञात वाहन ने तेंदुए को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना तराई केंद्रीय वन प्रभाग की हल्द्वानी रेंज की बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद गौला रेंज की एक टीम उसी मार्ग से गुजर रही थी। ग्रामीणों ने जब उन्हें मृत तेंदुए के बारे में बताया और कार्रवाई का अनुरोध किया, तो टीम ने इसे ‘हल्द्वानी रेंज’ का मामला बताकर अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। ग्रामीणों के बढ़ते आक्रोश और दबाव के बाद ही गौला रेंज के कर्मियों ने संबंधित रेंज को सूचना दी। सूचना के बावजूद वन विभाग की टीम के काफी देरी से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने जमकर नाराजगी जताई।
मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कनिष्ठ ब्लॉक प्रमुख कमल भड़ारी ने वन विभाग को कटघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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वन्यजीवों से जुड़े संवेदनशील मामलों में विभागीय कर्मियों की उदासीनता अब आम बात हो गई है।
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विभाग को पहले ही क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी की सूचना दी गई थी, लेकिन कोई एहतियाती कदम नहीं उठाए गए।
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हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों पर अंकुश लगाने में विभाग पूरी तरह विफल रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और गैर-जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मियों पर सख्त कार्रवाई हो। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हाईवे पर वन्यजीव कॉरिडोर सुरक्षा और गति सीमा नियंत्रण के प्रभावी इंतजाम किए जाएं।
