आपदा प्रबंधन विभाग
* एसएमएस (SMS) के पुराने ढर्रे से आगे बढ़ा आपदा प्रबंधन विभाग
* खराब मौसम और आंधी-तूफान आने से पहले बज उठेगी फोन की घंटी, समय रहते सुरक्षित हो सकेंगे लोग
* मौसम विभाग (IMD) और मोबाइल टावरों के समन्वय से तैयार हुआ हाईटेक सिस्टम
देहरादून|भारत सरकार द्वारा विकसित आधुनिक ‘सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम’ अब उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा के लिए एक बड़ा हथियार बनकर उभरा है। पहले जहां मौसम और आपदा संबंधी जानकारियां आमतौर पर सामान्य एसएमएस (SMS) के माध्यम से लोगों तक भेजी जाती थीं, वहीं अब तकनीक के अपग्रेड होने से सीधे मोबाइल स्क्रीन पर इमरजेंसी अलर्ट फ्लैश होगा। अक्सर लोग पुराने टेक्स्ट मैसेज को अनदेखा कर देते थे, लेकिन यह नया सिस्टम सीधे लोगों का ध्यान खींचेगा, जिससे उन्हें सतर्क होने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने का पूरा समय मिल सकेगा।
उत्तराखंड आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने इस हाईटेक प्रणाली की कार्यप्रणाली साझा करते हुए बताया कि सेल ब्रॉडकास्ट भारत सरकार की एक बेहद त्वरित और आधुनिक तकनीक है। इसके जरिए बेहद कम समय में एक साथ लाखों लोगों तक महत्वपूर्ण और जीवन रक्षक सूचनाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
उन्होंने बताया कि इस सिस्टम के तहत किसी भी क्षेत्र में अलर्ट जारी करने से पहले वहां की भौगोलिक स्थिति का सटीक आकलन किया जाता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के सहयोग से संभावित प्रभावित इलाकों को मानचित्र (मैप) पर चिन्हित किया जाता है। इसके बाद, उस दायरे में आने वाले सभी मोबाइल टावरों को सक्रिय कर, वहां मौजूद हर एक सक्रिय मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश (अर्टक्वेक/फ्लड/स्टॉर्म अलर्ट) भेज दिया जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना किसी नेटवर्क देरी के तुरंत काम करती है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम किया जा सकता है।
आपदा सचिव ने हालिया उदाहरण देते हुए बताया कि पिछले दिनों प्रदेश में भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान की आशंका के दौरान इस सिस्टम का सफल प्रयोग किया गया था। प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद सभी नागरिकों तक यह चेतावनी संदेश सफलतापूर्वक पहुंचा। आपदा प्रबंधन विभाग को पूरा भरोसा है कि यह आधुनिक तकनीक भविष्य में राज्य की पूर्व-चेतावनी प्रणाली को बेहद मजबूत बनाएगी और देवभूमि में इंसानी जिंदगियों को बचाने में मील का पत्थर साबित होगी।
