कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा
रुड़की। उत्तराखंड परिवहन निगम के चालक और परिचालकों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया है। पिछले कई महीनों से वेतन और पीएफ न मिलने से आर्थिक तंगी झेल रहे कर्मचारियों ने कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा से मुलाकात कर अपनी व्यथा सुनाई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों का निस्तारण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे।
परिवार का पेट पालना हुआ दूभर
कैबिनेट मंत्री को सौंपे गए मांग पत्र में कर्मचारियों ने बताया कि वे निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन बदले में उन्हें पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा, पांच महीने से पीएफ की राशि भी लंबित है। कर्मचारियों ने भावुक होते हुए कहा कि बिना वेतन के उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है और बच्चों की फीस व अन्य खर्चों के लिए उन्हें कर्ज लेना पड़ रहा है।
ठेकेदार पर गिरेगी गाज, जमानत राशि होगी जब्त: मंत्री
कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने कर्मचारियों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से लिया। उन्होंने मौके पर ही विभाग के अधिकारियों से बात की और आश्वासन दिया कि किसी भी कर्मचारी का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कार्रवाई का भरोसा: मंत्री ने कहा कि संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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नया टेंडर: विभाग ने नया टेंडर जारी कर दिया है।
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बकाया भुगतान: पुराने ठेकेदार की जमानत राशि (Security Money) जब्त कर उससे कर्मचारियों का बकाया वेतन और पीएफ भुगतान सुनिश्चित कराया जाएगा।
“कर्मचारियों का हित हमारी प्राथमिकता है। लापरवाह ठेकेदार की जमानत राशि जब्त कर जल्द से जल्द रुका हुआ वेतन दिलाया जाएगा। विभाग को नई व्यवस्था सुचारू करने के निर्देश दे दिए गए हैं।” — प्रदीप बत्रा, कैबिनेट मंत्री
