हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार अब महिलाओं के स्वावलंबन का नया केंद्र बन रहा है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ‘क्लाउड किचन’ योजना की शुरुआत की है। इस पहल के जरिए अब ग्रामीण महिलाएं अपनी रसोई से ही व्यवसाय कर अच्छी आय अर्जित कर सकेंगी।
प्रशिक्षण के दूसरे चरण का आगाज
मुख्य विकास अधिकारी ललित नारायण मिश्रा ने ग्रामीण व्यवसाय इन्क्यूबेटर सेंटर में इस विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि महिलाओं को घर से ही बिजनेस चलाने और प्रोफेशनल तरीके से खाना तैयार करने की बारीकियां सिखाई जा रही हैं।
हरिद्वार ने बनाया रिकॉर्ड
CDO ने गर्व से साझा किया कि हरिद्वार प्रदेश का पहला ऐसा जनपद बन गया है, जहां महिलाओं के लिए ‘क्लाउड किचन’ का व्यवस्थित प्रशिक्षण शुरू किया गया है।
-
गंगा रसोई की सफलता: पहले चरण में प्रशिक्षित 25 महिलाएं पहले ही “गंगा रसोई” के नाम से सफलतापूर्वक अपना काम शुरू कर चुकी हैं।
-
दूसरे चरण का विस्तार: वर्तमान में जनपद के सभी विकास खंडों की 30 महिलाओं को ट्रेनिंग दी जा रही है।
सरकारी सहायता और सुलभ पंजीकरण
प्रशासन केवल ट्रेनिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को एक सफल उद्यमी बनाने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है:
-
लाइसेंसिंग: महिलाओं को फूड लाइसेंस दिलाने में मदद।
-
पंजीकरण: उद्यम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में सहयोग।
-
वित्तीय मदद: व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता और ऋण की सुविधा।
“इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को घर की चौखट के भीतर ही सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना है ताकि वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें।” — ललित नारायण मिश्रा, मुख्य विकास अधिकारी
क्या है क्लाउड किचन?
यह एक ऐसा रेस्टोरेंट मॉडल है जहाँ केवल खाना पैक होकर डिलीवरी के लिए जाता है। इसमें बैठने की व्यवस्था (Dine-in) की जरूरत नहीं होती, जिससे कम लागत में महिलाएं घर से ही बड़ा काम शुरू कर सकती हैं।
