कांग्रेस
भारी भीड़ के कुप्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव पर विपक्ष का तीखा हमला; कांग्रेस का आरोप- जमीनी स्तर पर सुविधाएं देने में पूरी तरह विफल रही सरकार
देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड में चल रही विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा के दौरान बिगड़ती व्यवस्थाओं, भारी भीड़ के कुप्रबंधन और स्वास्थ्य सुविधाओं के गंभीर अभाव को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने राज्य की धामी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि देश भर से आ रहे लाखों तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि शासन-प्रशासन धरातल पर बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने में पूरी तरह नाकाम साबित हुआ है।
कांग्रेस नेताओं ने तीखे शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार और प्रशासनिक अधिकारी केवल दिखावे और प्रचार-प्रसार में व्यस्त हैं। धरातल पर पुख्ता इंतजाम न होने के कारण केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भारी असुविधा झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि यात्रा को लेकर सरकार के तमाम बड़े दावे पूरी तरह खोखले साबित हुए हैं और प्रशासनिक कुप्रबंधन के चलते देवभूमि की छवि पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।
कांग्रेस के सरकार पर 3 बड़े प्रहार
शोबाजी में व्यस्त प्रशासन: सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ वीआईपी प्रचार पर है, जबकि आम यात्रियों के लिए पीने का पानी, शौचालय और रैन बसेरों जैसी बुनियादी सुविधाएं भी ढंग से उपलब्ध नहीं हैं।
बदहाल स्वास्थ्य ढांचा: लाखों श्रद्धालुओं की भारी आवाजाही के बावजूद चारों धामों और यात्रा मार्गों पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत नहीं किया गया, जिससे आपातकालीन स्थिति में यात्रियों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
सड़कों का बुरा हाल: पिछले साल आई आपदा के दौरान जो मुख्य मार्ग और बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ था, उसका पुनर्निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं किया जा सका है।
‘वीआईपी दर्शन व्यवस्था आस्था के साथ क्रूर मजाक’ — नवीन जोशी
कांग्रेस नेता नवीन जोशी ने वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, “आम श्रद्धालु देश के कोने-कोने से महीनों की तैयारी और कठिन रास्ता तय करके आते हैं। उन्हें घंटों-घंटों लंबी कतारों में धक्के खाने पड़ रहे हैं, जबकि वीआईपी लोगों को प्राथमिकता देकर तुरंत दर्शन कराए जा रहे हैं। यह गरीब और आम श्रद्धालुओं की आस्था के साथ सरासर अन्याय है।” जोशी ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि बेहतर होता यदि मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों और यात्रा मार्गों का खुद जमीनी निरीक्षण करते, लेकिन सरकार का पूरा ध्यान सिर्फ इस बात पर केंद्रित है कि राजस्व (पैसा) कहां से आए।
विपक्ष ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि यात्रा मार्गों पर तुरंत ट्रैफिक प्रबंधन, सुचारु स्वास्थ्य सुविधाएं और आम श्रद्धालुओं के लिए सुलभ दर्शन की व्यवस्था नहीं की गई, तो कांग्रेस जनता और तीर्थयात्रियों के हक के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
