हल्द्वानी
हल्द्वानी में भीषण गर्मी और लू का सेहत पर सीधा असर; डिहाइड्रेशन, डायरिया और बुखार के मरीजों से पटे अस्पताल, बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा खतरा
हल्द्वानी : कुमाऊं की तलहटी में स्थित हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी का सीधा असर अब आम जनमानस की सेहत पर दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते तापमान और थपेड़े मारती लू के चलते डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), डायरिया और उल्टी-दस्त समेत विभिन्न मौसमी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्थिति यह है कि सुशीला तिवारी अस्पताल, बेस अस्पताल और महिला अस्पताल समेत शहर के तमाम निजी क्लीनिकों और अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की संख्या में भारी इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. हरीश पंत ने बताया कि वर्तमान समय में चल रही तीव्र हीटवेव और लू के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा दोगुना हो गया है। सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने और पर्याप्त दवाइयां व ओआरएस (ORS) काउंटर काउंटर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार, तेज धूप और गर्म हवाओं के सीधे संपर्क में आने से लोगों को अचानक तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी और पेट में इन्फेक्शन जैसी शिकायतें आ रही हैं। अस्पतालों में पहुंचने वाले मरीजों में सबसे ज्यादा संख्या मासूम बच्चों और बुजुर्गों की है, जिनका इम्युनिटी सिस्टम इस मौसम में जल्दी प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की जरूरी सलाह
तरल पदार्थों का सेवन: शरीर में पानी की कमी न होने दें। समय-समय पर साफ पानी, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस (ORS) का घोल पीते रहें।
धूप से बचाव: दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। जरूरी होने पर सिर और चेहरा सूती कपड़े या छाते से ढककर ही निकलें।
खान-पान में सतर्कता: बासी भोजन, खुले में कटी हुई सब्जियां और फलों को खाने से पूरी तरह परहेज करें। घर का बना ताजा और सुपाच्य भोजन ही लें।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
मुख्य लक्षण: अचानक तेज बुखार आना, चक्कर आना या बेहोशी छाना।
पेट के रोग: लगातार उल्टी होना, पेट में मरोड़ के साथ दस्त होना और भारी कमजोरी महसूस होना।
तत्काल कदम: ऐसे लक्षण दिखने पर खुद से दवा (Self-Medication) लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम ने संयुक्त रूप से लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल की व्यवस्था सुचारु की जा रही है। सीएमओ ने कहा कि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, विशेष रूप से कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करने वाले मजदूरों और फील्ड वर्क करने वाले युवाओं को हर आधे घंटे में पानी पीते रहना चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि यदि आगामी कुछ दिनों तक पारे में गिरावट नहीं आई, तो अस्पतालों में बेड बढ़ाने की स्थिति भी पैदा हो सकती है।
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