प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला
राज्यपाल भवन के घेराव की चेतावनी
देहरादून। रसोई गैस की आसमान छूती कीमतों और सिलेंडरों की भारी किल्लत के खिलाफ महिला कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने केंद्र सरकार को अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर एलपीजी के दाम कम नहीं हुए और आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो महिलाएं सड़कों पर उतरकर राज्यपाल भवन का घेराव करेंगी।
जनता की जेब पर डाका: ज्योति रौतेला
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ज्योति रौतेला ने केंद्र सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज घरेलू गैस आम आदमी की पहुंच से दूर हो चुकी है। रौतेला ने वर्तमान स्थिति की तुलना पुराने संकटों से करते हुए कहा:
“जिस तरह जनता को नोटबंदी के दौरान सड़कों पर भटकना पड़ा और कोरोना काल में ऑक्सीजन के लिए संघर्ष करना पड़ा, आज वही स्थिति एलपीजी सिलेंडर को लेकर पैदा हो गई है। प्रधानमंत्री की नीतियों ने आम गृहणियों का बजट बिगाड़ दिया है।”
देशव्यापी आंदोलन की रणनीति
महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा के नेतृत्व में दिल्ली से शुरू हुआ यह विरोध अब प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचेगा। आंदोलन की रूपरेखा साझा करते हुए रौतेला ने बताया:
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कल से जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस: सभी जिलों में सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाएगा।
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गांव-शहर में जागरूकता: कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को महंगाई के प्रति जागरूक करेंगे।
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धरना-प्रदर्शन: पूरे प्रदेश में श्रृंखलाबद्ध तरीके से विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
15 दिन का अल्टीमेटम
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सांकेतिक विरोध नहीं है। यदि 15 दिनों के भीतर केंद्र सरकार ने कीमतों में कटौती नहीं की, तो प्रदेशभर की महिलाएं राजधानी में एकजुट होकर उग्र आंदोलन और घेराव करेंगी।
