चंद्र ग्रहण
चंद्र ग्रहण: सूतक काल शुरू होते ही बंद हुए हर की पौड़ी समेत सभी मंदिरों के कपाट
हरिद्वार। आज लगने वाले चंद्र ग्रहण के कारण धर्मनगरी हरिद्वार में भक्ति और आस्था का परिदृश्य बदला हुआ नजर आ रहा है। ग्रहण का सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शुरू होने के चलते विश्व प्रसिद्ध हर की पौड़ी के ब्रह्मकुंड समेत सभी प्रमुख मंदिरों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए गए हैं।
सूतक का प्रभाव और घाटों पर सन्नाटा
परंपरा के अनुसार, चंद्र ग्रहण से 12 घंटे पूर्व सूतक काल प्रभावी हो जाता है। इसी नियम का पालन करते हुए आज सुबह की गंगा आरती संपन्न होने के तुरंत बाद मंदिरों के कपाट मंगल कर दिए गए। सूतक काल के चलते सुबह से ही हर की पौड़ी के गंगा घाटों पर अन्य दिनों की तुलना में सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रहण का शयनकाल शाम 6:17 बजे से शुरू होगा, जबकि सूतक का प्रभाव शाम 7:45 बजे तक बना रहेगा।
शुद्धिकरण के बाद रात 8 बजे होगी गंगा आरती
मंदिरों के पुजारियों के अनुसार, ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे मंदिर परिसर और मूर्तियों का गंगाजल से शुद्धिकरण किया जाएगा। भगवान को स्नान करवाकर और विशेष चंदन पूजा अर्चना के बाद ही कपाट खोले जाएंगे। ग्रहण के कारण आज शाम की प्रसिद्ध गंगा आरती अपने नियमित समय के बजाय रात 8:00 बजे आयोजित की जाएगी। इसके बाद ही श्रद्धालु दर्शन और पूजन कर सकेंगे।
