पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत
इंडिया गठबंधन का हल्लाबोल: लैंड पूल और मलिन बस्तियों के मुद्दे पर 25 को गांधी पार्क में मौन व्रत
देहरादून। राजधानी स्थित कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार की भूमि और आवास नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी में गठबंधन के नेताओं ने सरकार पर पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने और गरीबों को बेदखल करने का गंभीर आरोप लगाया।
मालिकाना हक की मांग, बेदखली का विरोध
नेताओं ने कहा कि वर्षों से बसे गांवों, खत्तों और मलिन बस्तियों को राजस्व गांव का दर्जा देने और निवासियों को मालिकाना हक देने के पूर्व में कई निर्णय लिए गए थे। इसके बावजूद, वर्तमान में जनविरोधी नीतियों के चलते लोगों को उनके आशियानों से उजाड़ने की तैयारी की जा रही है। गठबंधन ने चेतावनी दी कि जनता के हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने का आरोप
प्रेस वार्ता के दौरान लैंड पूल की जमीन का मुद्दा भी गरमाया रहा। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि जो जमीन भूमिहीनों और आपदा प्रभावितों को मिलनी चाहिए थी, सरकार उसे नियमों को ताक पर रखकर बड़े पूंजीपतियों को लीज पर दे रही है।
25 फरवरी को गांधी पार्क में प्रदर्शन
सरकार की इन नीतियों के विरोध में इंडिया गठबंधन ने आगामी 25 फरवरी को सुबह 11 बजे देहरादून के गांधी पार्क में एक घंटे का मौन व्रत और धरना देने का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को चेताया जाएगा कि वह जनविरोधी निर्णयों को तुरंत वापस ले।
