गैस सप्लाई
देहरादून | मध्य पूर्व (ईरान, अमेरिका और इजराइल) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब भारतीय बाजारों और ईंधन आपूर्ति पर दिखने लगा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई चेन प्रभावित होने के कारण गैस की किल्लत की आशंका गहरा गई है। हालांकि, देहरादून जिले के नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि प्रशासन ने घरेलू उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए कमर कस ली है।
घरेलू उपभोक्ता पहली प्राथमिकता
जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस की सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ा है। भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के बाद, जिले में गैस वितरण के लिए नए प्राथमिकता मानक तय किए गए हैं।
“हमारी सबसे पहली प्राथमिकता घरेलू उपभोक्ता हैं। शासन का स्पष्ट निर्देश है कि आम जनता के रसोई की आग ठंडी नहीं होनी चाहिए। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर घर तक गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से पहुंचती रहे।” — के.के. अग्रवाल, जिला पूर्ति अधिकारी
व्यवसायिक सप्लाई पर कड़ाई, जरूरी सेवाओं को राहत
प्रशासन ने व्यवसायिक गैस वितरण के लिए भी नियम सख्त कर दिए हैं। आपूर्ति में कमी को देखते हुए दूसरी प्राथमिकता केवल उन्हीं व्यवसायिक उपभोक्ताओं को दी जा रही है जो अनिवार्य सेवाओं से जुड़े हैं। इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र
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शिक्षण संस्थान (स्कूल और कॉलेज)
अन्य कमर्शियल गतिविधियों के लिए गैस आपूर्ति की निगरानी की जा रही है ताकि घरेलू कोटा प्रभावित न हो।
वर्तमान स्थिति: आपूर्ति बरकरार
जिला पूर्ति विभाग के अनुसार, फिलहाल देहरादून जिले को गैस की सप्लाई मिल रही है। विभाग की टीमें लगातार गैस एजेंसियों और वितरण केंद्रों के संपर्क में हैं। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में स्टॉक पर्याप्त है और पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। विभाग का मुख्य फोकस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाए रखने पर है।
