हल्द्वानी | मोटाहल्दू क्षेत्र के अंतर्गत बरेली रोड स्थित मदरसन कंपनी में आज उस समय हड़कंप मच गया जब सैकड़ों कर्मचारियों ने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कंपनी के गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों के आक्रोश और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। आंदोलन के दौरान छात्र नेताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की की खबरें भी सामने आई हैं।
मुख्य मांगें: ₹20,000 वेतन और 8 घंटे की शिफ्ट
हड़ताल पर बैठे करीब 500 महिला और पुरुष कर्मचारियों की मांगें स्पष्ट हैं:
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न्यूनतम वेतन: वर्तमान वेतन को बढ़ाकर कम से कम ₹20,000 किया जाए।
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कार्य अवधि: शिफ्ट का समय सख्ती से 8 घंटे निर्धारित हो।
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पुनः नियुक्ति: हाल ही में निकाले गए कर्मचारियों को तुरंत काम पर वापस लिया जाए।
गंभीर आरोप: अमानवीय व्यवहार और आर्थिक शोषण
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने कंपनी प्रबंधन पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कर्मचारियों का कहना है कि:
“कार्यस्थल पर हमें पानी पीने या वॉशरूम जाने तक की अनुमति के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अधिकारी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और हमें मशीन की तरह समझा जाता है।”
इसके अलावा, कर्मचारियों ने कंपनी की परिवहन व्यवस्था के खराब मेंटेनेंस और चालकों के व्यवहार पर भी सवाल उठाए हैं। ‘नो ब्रेक सिस्टम’ जैसी कार्यशैली को लेकर भी कर्मचारियों में गहरा रोष है।
विधायक की मध्यस्थता, पर अब तक बेनतीजा
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. मोहन सिंह बिष्ट मौके पर पहुँचे। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच बीच-बचाव कर सुलह कराने की कोशिश की। हालांकि, कई दौर की वार्ता के बावजूद खबर लिखे जाने तक प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है। कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं और आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
