हल्द्वानी: मोटाहल्दू स्थित मदरसन कंपनी के गेट पर पिछले दो दिनों से चल रहा कर्मचारियों का हाई-वोल्टेज ड्रामा और धरना प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। श्रम आयुक्त और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद कंपनी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच सुलह का रास्ता साफ हुआ। 15 सूत्रीय मांग पत्र में से 14 मांगों पर सहमति बन गई है, जिसके बाद कर्मचारियों ने काम पर लौटने का निर्णय लिया।
प्रबंधन पर लगे गंभीर आरोप
धरना दे रहे कर्मचारियों ने कंपनी के भीतर हो रहे उत्पीड़न को लेकर गंभीर आरोप लगाए। कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें 8 घंटे की शिफ्ट की जगह 9-9 घंटे तक लगातार खड़े होकर काम करने पर मजबूर किया जाता है और बैठने तक की अनुमति नहीं दी जाती। विरोध करने पर नौकरी से निकालने की धमकियां दी जाती हैं।
वेतन वृद्धि पर फंसा पेंच हालांकि 14 मांगों पर सहमति बन गई है, लेकिन कर्मचारियों की सबसे प्रमुख मांग ₹20,000 न्यूनतम वेतन पर अभी भी पेंच फंसा हुआ है। प्रबंधन ने इस पर तुरंत फैसला लेने से इनकार करते हुए दो महीने का समय मांगा है। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि वेतन वृद्धि पर जल्द ही उचित आदेश जारी किया जाएगा।
प्रशासन की रही अहम भूमिका
दो दिनों तक प्रबंधन की बेरुखी के बाद आज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। पुलिस के आला अधिकारियों और श्रम विभाग की टीम ने कंपनी प्रबंधन के साथ लंबी वार्ता की, जिसके बाद कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण पर लिखित सहमति बनी। फिलहाल कर्मचारी इस उम्मीद में वापस लौटे हैं कि दो महीने के भीतर उनकी आर्थिक मांगें भी पूरी कर ली जाएंगी।
