हलाला पीड़िता से मुलाकात
बुग्गावाला थाने में केस दर्ज होने के बाद बढ़ी सियासी हलचल; शादाब शम्स बोले— ‘धामी सरकार में अब बर्दाश्त नहीं होंगी ऐसी कुरीतियां’
हरिद्वार। उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू होने के बाद हलाला और ट्रिपल तलाक से जुड़ा पहला मामला सामने आने से राज्य में सियासी और सामाजिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बुग्गावाला थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा अपने पति और ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस बीच, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने बीजेपी नेता सुबोध राकेश के साथ पीड़िता शाहीन के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
पीड़िता के साहस को किया सलाम, शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित
मुलाकात के दौरान वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने पीड़िता शाहीन के साहस की जमकर सराहना की। उन्होंने शाहीन को शॉल ओढ़ाकर और फूल मालाएं पहनाकर सम्मानित किया। शादाब शम्स ने कहा कि वर्षों से मुस्लिम महिलाओं को ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी कुरीतियों का दंश झेलना पड़ता था, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लागू हुए UCC कानून ने अब महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान देने का काम किया है।
“धामी सरकार के UCC कानून के तहत अब ट्रिपल तलाक और हलाला जैसी नापाक हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पीड़ित बहन ने जो साहस दिखाया है, उसके लिए वक्फ बोर्ड इस कानूनी लड़ाई का पूरा खर्च उठाएगा।” — शादाब शम्स, अध्यक्ष, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड
“दोषियों को सजा दिलाकर रहूंगी” — शाहीन
अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाली पीड़िता शाहीन ने पूरी मजबूती से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मैं इस लड़ाई को आखिरी सांस तक लड़ूंगी। जिन्होंने ट्रिपल तलाक के बाद हलाला के नाम पर मेरे साथ गलत काम करने की कोशिश की है, उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा करके सजा दिलाकर ही दम लूंगी।”
प्रदेश में छिड़ी नई कानूनी और सामाजिक बहस
UCC के अस्तित्व में आने के बाद इस तरह का यह पहला मुकदमा है, जिसने पूरे प्रदेश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। राजनीतिक गलियारों से लेकर सामाजिक मंचों तक, अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस ऐतिहासिक कानून के तहत आने वाले दिनों में क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।
