अल्मोड़ा
अल्मोड़ा। उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संगठन के बैनर तले सोमवार को अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों ने गांधी पार्क में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान भारी संख्या में जुटे शिक्षकों ने प्रदेश सरकार और शासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ‘हुंकार रैली’ निकाली, जिससे पूरे नगर में हलचल मच गई। शिक्षकों ने साफ लहजे में कहा कि अब उनके हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
धरना स्थल पर मौजूद संगठन के वक्ताओं ने अपनी मुख्य मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त किए गए सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से पूरी तरह मुक्त रखा जाना चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानाध्यापकों और सहायक अध्यापकों को उनके पूर्ण सेवाकाल के दौरान कम से कम तीन पदोन्नतियां दिए जाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया।
“लंबे समय से शिक्षकों की जायज समस्याएं शासन स्तर पर लंबित पड़ी हैं, लेकिन सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। अगर हमारी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप अख्तियार करेगा।”
— पंकज पांडे जिलाध्यक्ष
नगर में गूंजी ‘हुंकार रैली’:
गांधी पार्क में धरने के बाद शिक्षकों ने एक विशाल हुंकार रैली निकाली। यह रैली नगर के विभिन्न मुख्य मार्गों और बाजारों से होकर गुजरी। रैली में शामिल सैकड़ों शिक्षकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए और अपनी आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि सरकार वास्तव में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना चाहती है, तो उसे सबसे पहले राष्ट्र निर्माता कहे जाने वाले शिक्षकों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना होगा।
