बाल अधिकार संरक्षण आयोग
रुड़की: भगवानपुर क्षेत्र स्थित सिकंदरपुर भैंसवाल गांव के सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा के मासूम छात्र के साथ शिक्षक द्वारा की गई कथित बेरहमी का मामला अब पूरी तरह तूल पकड़ चुका है। छात्र के साथ हुई इस बर्बरता की शिकायत पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना खुद शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मौके पर जांच करने स्कूल पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम की गहनता से पड़ताल की और स्कूल स्टाफ के बयान दर्ज किए।
विरोध करने पर साथी महिला टीचर से भी की बदसलूकी
जांच और निरीक्षण के दौरान स्कूल की ही एक सहायक अध्यापिका ने आयोग के सामने बेहद चौंकाने वाला और हैरान करने वाला खुलासा किया। महिला शिक्षिका ने बताया कि जब उन्होंने आरोपी शिक्षक द्वारा मासूम छात्र को बेरहमी से पीटे जाने का विरोध किया, तो आरोपी शिक्षक का गुस्सा उन पर भी फूट पड़ा। आरोपी ने न सिर्फ छात्र के साथ क्रूरता की, बल्कि बीच-बचाव करने आई साथी अध्यापिका के साथ भी जमकर अभद्र व्यवहार किया और स्कूल परिसर में ही गाली-गलौज पर उतारू हो गया। महिला टीचर के इस बयान के बाद स्कूल का माहौल और आरोपी शिक्षक की कार्यप्रणाली पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है।
दोषियों पर होगी सख्त से सख्त कार्रवाई: डॉ. गीता खन्ना
स्कूल में फैली अव्यवस्था और शिक्षक की इस करतूत पर आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने गहरा रोष व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में साफ शब्दों में कहा कि देवभूमि के शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा और उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुरु का स्थान भगवान का होता है, लेकिन ऐसी हरकतें समाज को शर्मसार करती हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस पूरे मामले की #UttarakhandNews #RoorkeeNewsएक विस्तृत और बिंदुवार रिपोर्ट तत्काल तैयार की जाए। इस रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षक के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को संस्तुति भेजी जा रही है।
