रैपिडो
– नगर निगम ने रैपिडो फूड कंपनी को थमाया नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारी
– भड़के साधु-संतों ने कंपनी का पुतला फूंका, ऑनलाइन डिलीवरी पर रोक की मांग
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के प्रतिबंधित क्षेत्रों में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए मांस की डिलीवरी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रैपिडो कंपनी द्वारा गंगा घाटों के समीप मांसाहारी भोजन की आपूर्ति करने पर साधु-संतों और स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। बुधवार को श्री अखंड परशुराम अखाड़ा से जुड़े संतों ने सड़क पर उतरकर रैपिडो कंपनी का पुतला दहन किया और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की।
नगर निगम का कड़ा रुख, भेजा नोटिस
हरिद्वार नगर निगम ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए रैपिडो कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नगर आयुक्त नंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि हरिद्वार के धार्मिक और संवेदनशील क्षेत्रों में मांस-मदिरा पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि यह कृत्य न केवल नगर निगम के बायलॉज का उल्लंघन है, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक मर्यादाओं और पारंपरिक मान्यताओं पर भी चोट है। निगम ने चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संतों की चेतावनी: ‘आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’
पुतला दहन के दौरान संतों ने कहा कि हरिद्वार करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों द्वारा प्रतिबंधित क्षेत्रों में मांस पहुँचाना एक सोची-समझी साजिश या भारी लापरवाही है। संतों ने मांग की है कि प्रशासन सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करे ताकि भविष्य में ऐसी पवित्रता भंग करने वाली घटनाएं दोबारा न हों।
बायलॉज का हवाला
नगर आयुक्त ने जानकारी दी कि हरिद्वार में मांस और मदिरा की बिक्री व परिवहन के लिए सख्त नियम हैं। गंगा तट और उसके आसपास के क्षेत्रों में मांसाहारी वस्तुओं का प्रवेश वर्जित है। ऑनलाइन कंपनियों को अपनी सर्विस लोकेशन फिल्टर करने के निर्देश दिए जा सकते हैं ताकि वे प्रतिबंधित पिन कोड्स पर ऐसी सेवाएं न दे सकें।
