जामुनवाला लूटकांड
देहरादून | प्रेमनगर थाना क्षेत्र के जामुनवाला में सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश के साथ हुई लूट की घटना में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से सामने आया है कि युवक का अपहरण नहीं हुआ था, बल्कि वह आरोपियों के साथ खुद की मर्जी से शराब पीने गया था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी मृदुल गुरुंग को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी भी फरार है।
रास्ता पूछने के बहाने हुई थी दोस्ती
एसएसपी के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने जब इलाके के 110 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला, तो कहानी कुछ और ही निकली। 6 मई की रात, आईटी पार्क में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश सहस्त्रधारा क्रॉसिंग पर खड़ा था। तभी स्कूटी सवार मृदुल गुरुंग और अस्मित थापा वहां पहुंचे। उन्होंने गढ़ी कैंट का रास्ता पूछने के बहाने आकाश को बातों में उलझाया और स्कूटी पर बैठा लिया।
शराब के दौर के बाद वारदात
पुलिस के अनुसार, आकाश अपनी शराब की बोतल लेकर आरोपियों के साथ जामुनवाला पुल तक जाने को राजी हुआ। वहां तीनों ने साथ बैठकर शराब पी। नशा होने के बाद आरोपियों ने आकाश से मोबाइल और नगदी छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी और मारपीट के दौरान बचाव करते समय आकाश पुल से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। आरोपी उसका मोबाइल और 600 रुपये लेकर फरार हो गए।
नशे की लत बनी अपराध की वजह
एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मृदुल गुरुंग नशे का आदी है। अपनी नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए ही इन दोनों ने लूट की साजिश रची थी। पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल बरामद कर लिया है। फरार आरोपी अस्मित थापा की तलाश में पुलिस जगह-जगह दबिश दे रही है।
अनसुलझे सवाल और विरोधाभास
हालांकि पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ लिया है, लेकिन कई सवाल अब भी बरकरार हैं:
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रात 2 बजे के बाद खाने-पीने का सामान कहाँ से आया?
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लूटे गए मोबाइल से हुई एक अनजान कॉल का क्या रहस्य है?
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पीड़ित आकाश मीडिया में बयान दे रहा है, लेकिन पुलिस के सवालों पर चुप्पी साधे हुए है।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद विस्तृत बयान लिए जाएंगे, जिससे मामले की धुंधली तस्वीरें साफ हो सकेंगी।
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