NSUI
बैरिकेडिंग पर पुलिस और छात्रों के बीच तीखी झड़प, भीड़ को रोकने के लिए चलाई गईं पानी की बौछारें
देहरादून:उत्तराखंड की राजधानी देहरादून सोमवार को एक बार फिर युवाओं और छात्रों की गर्जना से गूंज उठी। प्रदेश की बदहाल शिक्षा व्यवस्था, लगातार सामने आ रही परीक्षा अनियमितताओं और नीट (NEET) जैसी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के विरोध में आज एनएसयूआई (NSUI) ने सड़कों पर उतरकर ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। कांग्रेस भवन से शुरू हुआ यह ‘सचिवालय महाकूच’ देखते ही देखते एक बड़े सियासी और छात्र आंदोलन में बदल गया।
इस प्रदर्शन की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ इस आंदोलन की कमान संभालने विशेष रूप से देहरादून पहुंचे थे। उनके नेतृत्व में प्रदेश के कोने-कोने से आए सैकड़ों छात्र और युवा कार्यकर्ता इस मार्च में शामिल हुए।
पुलिस से तीखी झड़प, वाटर कैनन का इस्तेमाल
दोपहर बाद जैसे ही 500 से अधिक छात्रों का यह हुजूम सचिवालय की ओर बढ़ा, सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। सचिवालय से कुछ दूरी पहले ही पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान बैरिकेडिंग पर छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। माहौल बेहद तनावपूर्ण होता देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और उग्र हो रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन (पानी की तेज बौछारों) का इस्तेमाल कर छात्रों को आगे बढ़ने से रोका गया।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: जाखड़
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने कहा कि लगातार हो रही परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों ने देश और प्रदेश के युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। सालों-साल मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन ने परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग को लेकर सरकार को पांच सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।
