कुंभ
हरिद्वार : धर्मनगरी हरिद्वार में विश्व प्रसिद्ध कुंभ और अर्धकुंभ मेलों के सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। हर की पैड़ी के समीप स्थित मेला नियंत्रण भवन (CCR) के विस्तार के लिए धामी सरकार ने 50 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया है। इस विस्तार योजना के तहत पुरानी इमारत के बगल में एक आधुनिक और बहुमंजिला नई बिल्डिंग का निर्माण किया जाएगा, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी।
हरिद्वार देश की उन चार प्रमुख कुंभ नगरियों में से एक है जहाँ करोड़ों की भीड़ उमड़ती है। साल 2000 में उत्तराखंड राज्य गठन से पूर्व यहाँ किसी स्थाई कंट्रोल रूम की व्यवस्था नहीं थी। राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री एनडी तिवारी ने साल 2004 में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस आधुनिक मेला नियंत्रण भवन की नींव रखी थी। पिछले दो दशकों से यह भवन हर छोटे-बड़े स्नान पर्व और कांवड़ मेले का केंद्र बिंदु रहा है।
CCR-2: हेलीपैड और कमांड सेंटर से होगी लैस
बढ़ती भीड़ और तकनीक की आवश्यकता को देखते हुए अब सरकार ‘CCR-2’ यानी नई विंग का निर्माण कर रही है। इस नई इमारत की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित होंगी:
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अत्याधुनिक कमांड कंट्रोल सेंटर: पूरी मेला क्षेत्र की निगरानी एक ही छत के नीचे से होगी।
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सर्विलेंस सिस्टम: हाई-डेफिनिशन कैमरों और एआई (AI) आधारित भीड़ नियंत्रण उपकरणों का उपयोग।
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छत पर हेलीपैड: आपातकालीन स्थितियों और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए बिल्डिंग के ऊपर ही हेलीपैड की सुविधा होगी।
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आधुनिक संचार प्रणाली: मेला प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए वायरलेस और डिजिटल कनेक्टिविटी का जाल।
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अधिकारियों का पक्ष
कुंभ मेलाधिकारी सोनिका के अनुसार, नई बिल्डिंग का उद्देश्य मेला प्रबंधन की क्षमताओं में इजाफा करना है। उन्होंने बताया कि 50 करोड़ के बजट से बनने वाली यह इमारत न केवल कुंभ, बल्कि साल भर होने वाले स्नान पर्वों में भी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने में मील का पत्थर साबित होगी।
