हरेला पर्व
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कसी कमर— इस बार थीम आधारित और सौंदर्यीकरण पर केंद्रित होगा पूरा अभियान
देहरादून।उत्तराखंड के लोकपर्व ‘हरेला’ को पर्यावरण संरक्षण के एक बड़े जन अभियान के रूप में मनाने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इस बार जिले को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि हरेला पर्व के विशेष अवसर पर पूरे जनपद में एक ही दिन में 75 हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। वहीं, इस पूरे पर्यावरण अभियान के तहत कुल 15.50 लाख पौधे लगाने का महा-लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
थीम आधारित पौधरोपण पर रहेगा विशेष जोर
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया कि इस बार का पौधरोपण अभियान पारंपरिक तरीकों से अलग और व्यवस्थित होगा। प्रशासन का पूरा ध्यान ‘थीम आधारित पौधरोपण’ पर है। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रमुख सड़कों, सार्वजनिक स्थलों, पार्कों और सरकारी जमीनों को चिन्हित किया गया है। इन स्थानों पर योजनाबद्ध तरीके से ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो न सिर्फ पर्यावरण को मजबूत करें, बल्कि भविष्य में इन क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण को भी बढ़ाएं।
औपचारिकता नहीं, जन-आंदोलन बनेगा अभियान
प्रशासन का मानना है कि पौधरोपण को केवल कागजी औपचारिकता या एक दिन का कार्यक्रम न बनाकर, इसे सीधे क्षेत्र की सुंदरता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान की सफलता के लिए वन विभाग, नगर निगम और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सरकारी महकमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही, इस मुहिम में स्थानीय सामाजिक संस्थाओं, युवाओं और आम नागरिकों की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित की गई है। प्रशासन को उम्मीद है कि भारी जनसहभागिता के बल पर इस बार हरेला पर्व देवभूमि से पूरे देश में पर्यावरण संरक्षण का एक बेहद मजबूत और सकारात्मक संदेश देगा।
