डॉ. कपिल शर्मा
देहरादून | राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ उत्तराखंड में वित्तीय अनियमितताओं का मामला गहराता जा रहा है। संघ के सदस्य डॉ. कपिल शर्मा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब यह प्रकरण मुख्यमंत्री समाधान पोर्टल तक पहुँच गया है। शिकायत में संघ के पूर्व पदाधिकारियों पर करोड़ों रुपये के गबन और पारदर्शिता की कमी के संगीन आरोप लगाए गए हैं।
10 साल से नहीं हुआ ऑडिट
शिकायतकर्ता डॉ. कपिल शर्मा का आरोप है कि वर्ष 2015 से 2025 के बीच संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. कृष्ण सिंह नपच्याल एवं अन्य पदाधिकारियों ने संघ के खाते में जमा धनराशि का कोई लेखा-जोखा सदस्यों के सामने नहीं रखा। आरोप है कि इस पूरे दशक के दौरान न तो कोई आंतरिक ऑडिट कराया गया और न ही किसी अधिवेशन में वित्तीय रिपोर्ट पेश की गई, जो संघ के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
भवन निर्माण के नाम पर 2.5 करोड़ की वसूली
मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा संघ भवन निर्माण को लेकर हुआ है। आरोप है कि वर्ष 2021-22 में भवन निर्माण के नाम पर प्रत्येक सदस्य से 50 हजार रुपये की वसूली की गई। बताया जा रहा है कि प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 2.5 करोड़ रुपये एकत्र कर तत्कालीन अध्यक्ष को सौंपे गए थे। डॉ. शर्मा के अनुसार, यह वसूली कई जगह दबाव बनाकर की गई, लेकिन आज तक इस धनराशि के उपयोग का कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला है।
निष्पक्ष जांच और पद से हटाने की मांग
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज अपनी शिकायत में मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, जांच प्रभावित न हो इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जांच प्रक्रिया पूरी होने तक पद से अलग रखने की भी मांग उठाई गई है। वर्तमान में आयुष विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सीएम पोर्टल पर मामला जाने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
