विधानसभा गेट पर पलटी गन्ने की ट्राली
देहरादून | उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र आज हंगामेदार मोड़ पर शुरू हुआ। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर चर्चा के लिए बुलाए गए इस एक दिवसीय सत्र से पहले ही सियासत गरमा गई। जहां सदन के अंदर महिला अधिकारों पर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस की तैयारी है, वहीं सदन के बाहर कांग्रेस विधायक ने गन्ना किसानों के भुगतान को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया।
ट्रैक्टर चलाकर पहुंचे विधायक, मुख्य गेट पर पलटा गन्ना
सत्र शुरू होने से ठीक पहले झबरेड़ा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाति खुद ट्रैक्टर चलाकर विधानसभा पहुंचे और मुख्य गेट के सामने गन्ने से भरी ट्राली पलट दी। विधायक ने आरोप लगाया कि इकबालपुर चीनी मिल पर किसानों का ₹110 करोड़ बकाया है, लेकिन सरकार सोई हुई है। इस प्रदर्शन के कारण विधानसभा परिसर के बाहर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा।
विपक्ष का ‘प्रहार’ और पैदल मार्च
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने रिस्पना पुल से विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला। कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड, महिला अपराध और आरक्षण बिल को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। यशपाल आर्य ने कहा, “भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ सियासत कर रही है। अगर मंशा साफ है, तो इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए, परिसीमन के नाम पर लटकाया न जाए।”
सत्ता पक्ष का निंदा प्रस्ताव
संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने साफ किया कि सरकार सदन में उन विपक्षी दलों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाएगी जिन्होंने संसद में महिला आरक्षण विधेयक के संशोधन प्रस्ताव का विरोध किया था। सत्ता पक्ष का तर्क है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधी आबादी को हक दिया जा रहा है, लेकिन विपक्ष इसमें रोड़े अटका रहा है।
विधानसभा अध्यक्ष की अपील
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति-लोकतंत्र अधिकार’ विषय पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
