नर्सिंग भर्ती विवाद
वर्षवार नियुक्तियों की मांग को लेकर आर-पार की जंग; महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला का भी मिला समर्थन
देहरादून: राजधानी देहरादून में नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र रूप ले चुका है। अपनी मांगों को मनवाने के लिए सोमवार सुबह बड़ी संख्या में नर्सिंग अभ्यर्थी और कांग्रेस नेता परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। समाचार लिखे जाने तक इस हाई-वोल्टेज ड्रामे को 30 घंटे से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभ्यर्थी नीचे उतरने को तैयार नहीं हैं।
‘परीक्षा नहीं, सीनियरिटी चाहिए’
आंदोलनकारी युवाओं का कहना है कि सरकार ने नर्सिंग भर्ती के नियमों में बदलाव कर उनके भविष्य को अधर में लटका दिया है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
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वर्षवार भर्ती की बहाली: अभ्यर्थी चाहते हैं कि भर्ती प्रक्रिया पहले की तरह ‘सीनियरिटी’ के आधार पर हो।
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परीक्षा प्रणाली का विरोध: सरकार द्वारा लागू की गई नई परीक्षा प्रणाली को अभ्यर्थी पुराने बैच के युवाओं के साथ अन्याय बता रहे हैं।
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प्राथमिकता का सवाल: प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि जिन्होंने सालों पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है, उन्हें प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि नई परीक्षा के जरिए उन्हें बाहर किया जाए।
राजनीतिक गर्माहट और सरकारी आश्वासन
इस आंदोलन को विपक्षी दल कांग्रेस का भी कड़ा समर्थन मिल रहा है। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला खुद अभ्यर्थियों के साथ टंकी पर डटी हुई हैं। उन्होंने सरकार पर बेरोजगारों की अनदेखी का आरोप लगाया।
दूसरी ओर, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने अभ्यर्थियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि सरकार युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए जल्द ही कोई बीच का रास्ता या समाधान निकालेगी। हालांकि, आंदोलनकारी इस आश्वासन से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे हैं और उन्होंने मांग पूरी होने तक टंकी से न उतरने की चेतावनी दी है।
प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
भीषण गर्मी और ऊंचाई पर डटे युवाओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर तैनात है। मेडिकल टीमें भी अलर्ट पर रखी गई हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
