श्रम विभाग कार्यालय पर मजदूरों का पड़ाव; कांग्रेस नेता सहित 22 पर मुकदमा दर्ज
हरिद्वार: सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों और प्रबंधन के बीच वेतन वृद्धि को लेकर चल रहा विवाद अब उग्र रूप लेता जा रहा है। पिछले चार दिनों के भीतर कैंपस, लग्जर, जीनस और इंडो हर्बल जैसी बड़ी कंपनियों के सैकड़ों श्रमिक श्रम विभाग कार्यालय में दस्तक दे चुके हैं। श्रमिकों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन वेतन वृद्धि के नाम पर उनके साथ मजाक कर रहा है।
मामूली वेतन वृद्धि और दुर्व्यवहार के आरोप
धरना दे रहे श्रमिकों का कहना है कि कंपनी ने केवल ₹1 प्रति घंटे की दर से वेतन बढ़ाया है, जो सरकारी मानकों से काफी कम है। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि:
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उन्हें ओवरटाइम का भुगतान सिंगल रेट पर दिया जा रहा है।
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कंपनी स्टाफ द्वारा श्रमिकों के साथ अमर्यादित व्यवहार किया जाता है।
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मूल वेतन में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई है।
श्रमिकों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक वेतन वृद्धि और सम्मानजनक कार्यस्थल की मांग पूरी नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
कांग्रेस नेता ने साधा निशाना, 22 पर केस दर्ज
इस विवाद में राजनीतिक हस्तक्षेप भी तेज हो गया है। कांग्रेस नेता वरुण बालियान ने श्रमिकों के समर्थन में उतरते हुए श्रम विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। बालियान ने आरोप लगाया कि प्रशासन जायज मांग उठा रहे मजदूरों और उनके समर्थकों पर मुकदमे दर्ज कर उन्हें डराने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि पुलिस ने हाल ही में वरुण बालियान सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
विभाग की सफाई: वेतन दरों पर मची है ‘गलतफहमी’
वहीं, उपश्रम आयुक्त विपिन कुमार ने मामले को शांत करने की कोशिश करते हुए कहा कि इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग श्रेणियों के वेतनमान अलग-अलग होते हैं। उन्होंने कहा, “श्रमिकों के बीच वेतन दरों को लेकर गलतफहमी पैदा हो गई है। नॉन-इंजीनियरिंग स्टाफ, इंजीनियरिंग श्रेणी के समान वेतन की मांग कर रहा है, जो नियमानुसार अलग है।” उन्होंने श्रमिकों से धरना खत्म कर सीधे संवाद करने की अपील की है।
