ज्योति रौतेला
देहरादून। प्रदेश में नर्सिंग भर्ती नियमावली और रिक्त पदों को लेकर चल रहा विवाद सोमवार को उस समय नाटकीय मोड़ पर पहुँच गया, जब आंदोलनकारियों के समर्थन में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले चल रहे इस प्रदर्शन ने अब राजनीतिक और सामाजिक रूप से तूल पकड़ लिया है।
पुरानी चयन प्रक्रिया की बहाली पर अड़े अभ्यर्थी
नर्सिंग एकता मंच लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की मांग कर रहा है। आंदोलनकारियों का स्पष्ट कहना है कि वर्ष 2020 में लागू की गई नई परीक्षा प्रणाली ने उन हजारों पुराने अभ्यर्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया है, जो वर्षों से तैयारी कर रहे थे। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार को पुराने अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा करते हुए पुरानी चयन प्रक्रिया को पुनः लागू करना चाहिए।
सरकार पर अनदेखी का आरोप
टंकी पर चढ़कर विरोध जताते हुए ज्योति रौतेला ने सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सरकार नर्सिंग अभ्यर्थियों की वाजिब मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं निकाला गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा।”
नर्सिंग एकता मंच की प्रमुख मांगें:
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वर्षवार बहाली: नर्सिंग नियमावली को स्थायी रूप से वर्षवार (Year-wise) चयन के आधार पर लागू किया जाए।
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रिक्त पदों पर भर्ती: IPHS मानकों के तहत लगभग 2000 रिक्त पदों पर पुरानी प्रक्रिया के अनुसार तत्काल भर्ती शुरू हो।
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अभ्यर्थियों का संरक्षण: वर्ष 2020 की नई प्रणाली से प्रभावित हो रहे पुराने अभ्यर्थियों के हितों की 100% सुरक्षा सुनिश्चित हो।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार लिखित में ठोस आश्वासन नहीं देती, तब तक परेड ग्राउंड से आंदोलन खत्म नहीं होगा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन आंदोलनकारियों को समझाने का प्रयास कर रहा है।
