भुवन चंद्र कापड़ी
उत्तराखंड विधानसभा में गूंजा खटीमा का 125 एकड़ भूमि विवाद
खटीमा। उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में आज खटीमा विधायक और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन चंद्र कापड़ी ने अपनी ही विधानसभा के एक हाई-प्रोफाइल भूमि विवाद को लेकर सरकार पर तीखे प्रहार किए। कापड़ी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को ‘माफिया राज’ की संज्ञा देते हुए 125 एकड़ कृषि भूमि पर खड़ी फसलें नष्ट किए जाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।
‘किसके आदेश पर चली किसानों की मेहनत पर ट्रैक्टर?’
सदन में चर्चा के दौरान भुवन कापड़ी ने सरकार से सीधा सवाल पूछा कि आखिर किस वैधानिक आदेश के तहत खटीमा तहसील के अंतर्गत आने वाली इस भूमि पर लहलहाती फसलों को रौंदा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के संरक्षण में किसानों की मेहनत को बर्बाद किया गया है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और तानाशाही पूर्ण है।
धारा 145 लागू, फिर भी गहराया विवाद
प्रशासन ने विवादित भूमि पर शांति व्यवस्था बनाए रखने और कब्जे के टकराव को रोकने के लिए धारा 145 के तहत कार्यवाही की है। हालांकि, विधायक कापड़ी का कहना है कि बिना किसी ठोस अदालती आदेश के इतनी बड़ी कार्रवाई करना नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा, “अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं, लेकिन हम किसानों के हक की लड़ाई सदन से लेकर सड़क तक लड़ेंगे।”
सदन में तीखी बहस, खटीमा में महापंचायत
इस मामले को लेकर सदन के भीतर पक्ष और विपक्ष में भारी नोकझोंक देखने को मिली। वहीं दूसरी ओर:
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खटीमा में पीड़ित किसानों की एक विशाल महापंचायत आयोजित की गई।
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विधायक कापड़ी ने महापंचायत में शामिल होकर पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की।
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किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें उनकी ही भूमि से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।
अब सबकी नजरें सरकार के जवाब और इस मामले में आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में यह कार्रवाई कानून सम्मत थी या इसमें किसी भू-माफिया का हाथ है।
