हरीश रावत
हरीश रावत: गैरसैंण को ‘बारात घर’ बताने पर सतपाल महाराज को घेरा
रामनगर | नगर के पीएनजीपीजी महाविद्यालय में आयोजित ‘युवा आकांक्षा: युवाओं की बात हरीश रावत के साथ’ कार्यक्रम में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने युवाओं की समस्याओं से लेकर राज्य के ज्वलंत राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी।
युवाओं के मन की बात और विकास की उम्मीद
हरीश रावत ने कहा कि समाज और देश की प्रगति के लिए युवाओं की आकांक्षाओं को समझना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से 40 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के उन युवाओं की चिंता जताई जो वर्तमान परिस्थितियों में निराशा का सामना कर रहे हैं। रावत ने स्पष्ट किया कि वह यहाँ युवाओं की समस्याओं को सुनने और उनके सुझावों को सही मंच तक पहुँचाने के लिए आए हैं।
धार्मिक मुद्दों पर भाजपा पर प्रहार
बदरी-केदार मंदिर समिति द्वारा 47 मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक के प्रस्ताव पर रावत ने इसे ‘केवल प्रचार का हिस्सा’ करार दिया।
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सनातन की छवि: उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का प्रचार तंत्र ऐसे मुद्दों को तूल देकर सनातन धर्म की उदार छवि को नुकसान पहुँचा रहा है।
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परंपरा का सम्मान: उन्होंने हर की पैड़ी का उदाहरण देते हुए कहा कि स्थानीय परंपराओं का लोग वर्षों से सम्मान करते आ रहे हैं, इसे विवाद का विषय बनाना गलत है।
“गैरसैंण को बारात घर नहीं, सत्संग भवन बना दो”
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के गैरसैंण विधानसभा भवन को ‘बारात घर’ के रूप में उपयोग करने वाले बयान पर रावत ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा:
“अगर यही करना है तो उसे बारात घर नहीं बल्कि सत्संग भवन बना देना चाहिए। गैरसैंण से करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। पहले उसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करना और अब उसे पर्यटन स्थल बताना समझ का दिवालियापन है।”
पर्यटन नगरी में गैस संकट पर चिंता
रामनगर और नैनीताल जैसे पर्यटन क्षेत्रों में गैस की भारी किल्लत पर उन्होंने सरकार को घेरा। रावत ने कहा कि दूर-दराज के क्षेत्रों में गरीब उपभोक्ता और पर्यटन सीजन के दौरान होटल कारोबारी गैस की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
