एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल
उत्तराखंड: मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिले और प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े के मामले में एसआईटी (SIT) को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने इस हाई-प्रोफाइल रैकेट के एक और मुख्य आरोपी को दिल्ली से धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के पास से पुलिस ने साढ़े पांच लाख रुपये की नकदी भी बरामद की है।
मध्य प्रदेश का रहने वाला है आरोपी
एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान धीरज श्रीवास्तव के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है। धीरज मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस के फर्जी दाखिले कराने और इस एवज में भारी कमीशन वसूलने का काम करता था।
रूपेश पंडित से जुड़े थे तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी धीरज और इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके रूपेश पंडित के बीच पुराने संबंध थे। ये दोनों करीब दो साल पहले उत्तरकाशी में मिले थे, जिसके बाद से दोनों मिलकर इस फर्जीवाड़े के काले कारोबार को अंजाम दे रहे थे।
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रूपेश पंडित की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ और उसकी निशानदेही पर पुलिस पहले ही आठ लाख रुपये बरामद कर चुकी है।
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अब दिल्ली से पकड़े गए धीरज श्रीवास्तव के पास से साढ़े पांच लाख रुपये मिलने से इस बात के पुख्ता प्रमाण मिल गए हैं कि गिरोह बड़े पैमाने पर अवैध वसूली कर रहा था।
एसआईटी अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इस फर्जीवाड़े के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसमें किन-किन शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों की संलिप्तता रही है।
