महंत रविंद्र पुरी की मौजूदगी में हुआ 56 भोग और सुंदरकांड का आयोजन; साल की पहली आरती में भक्तों ने मांगी सुख-समृद्धि की कामना
हरिद्वार। नव वर्ष 2026 के पहले दिन धर्मनगरी हरिद्वार में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। साल की शुरुआत माँ भगवती के आशीर्वाद के साथ करने के लिए तड़के सुबह से ही सिद्धपीठ माँ मनसा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। जयकारों के साथ समूचा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।
56 भोग और सुंदरकांड पाठ से महका वातावरण
नए साल के पावन अवसर पर मंदिर को फूलों और रंग-बिरंगी लाइटों से विशेष रूप से सजाया गया था। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत श्री रविंद्र पुरी जी के सानिध्य में विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए:
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सुंदरकांड पाठ: विश्व कल्याण और सुख-शांति के लिए मंदिर प्रांगण में सामूहिक सुंदरकांड का पाठ किया गया।
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56 भोग: माँ मनसा देवी को भव्य 56 भोग अर्पित किए गए, जिसे बाद में भक्तों के बीच प्रसाद स्वरूप वितरित किया गया।
साल की पहली आरती में उमड़ी भीड़
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने साल की पहली आरती में भाग लिया। कड़ाके की ठंड और ऊँची पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने माँ के चरणों में शीश नवाकर नए साल में खुशहाली और रोग-मुक्ति की प्रार्थना की। भक्तों का मानना है कि वर्ष के पहले दिन माँ के दर्शन करने से पूरे साल सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
सुचारु दर्शन के लिए विशेष इंतजाम
भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रशासन और पुलिस द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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दर्शन व्यवस्था: श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग कतारें बनाई गई थीं ताकि वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों को असुविधा न हो।
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व्यवस्थाएं: मंदिर के पुजारियों ने बताया कि पूरे दिन विशेष पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा, ताकि शाम तक आने वाले भक्तों को भी आरती और दर्शन का लाभ मिल सके।
