5 वर्षीय नर गुलदार को रेस्क्यू कर मृग विहार अल्मोड़ा भेजा गया; ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
अल्मोड़ा। तहसील क्षेत्र सोमेश्वर के अंतर्गत लंबे समय से आतंक का पर्याय बना गुलदार आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। रविवार सुबह महत गांव के समीप लगाए गए पिंजरे में गुलदार के फंसने से क्षेत्र के ग्रामीणों ने बड़ी राहत महसूस की है। वन विभाग ने गुलदार को सुरक्षित रेस्क्यू कर अल्मोड़ा स्थित मृग विहार भेज दिया है।
ट्रैप कैमरों और पिंजरों से मिली सफलता
क्षेत्र में गुलदार की बढ़ती सक्रियता और पशुओं पर हमलों की घटनाओं के बाद ग्रामीण खासा परेशान थे। जन-दबाव और सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने कई संवेदनशील स्थानों पर ट्रैप कैमरे और पिंजरे लगाए थे। रविवार सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे में गुलदार को देख, तो तुरंत इसकी सूचना वन अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
5 साल का है नर गुलदार
वन क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार लोहनी ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़ा गया गुलदार ‘नर’ है, जिसकी उम्र लगभग 5 वर्ष और लंबाई लगभग 2.5 मीटर है। उन्होंने बताया कि गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उसे मृग विहार, अल्मोड़ा ले जाया गया है।
टीम की मुस्तैदी और आगे की योजना
वन विभाग की रेस्क्यू टीम में वन दरोगा शिव राम, संजय जोशी, अमित नेगी, वन रक्षक कुंदन गैड़ा, नीरज बिष्ट और धीरेंद्र उप्रेती शामिल रहे। वन क्षेत्राधिकारी ने आश्वस्त किया कि विभाग द्वारा गश्त और निगरानी का अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि आम जनता को वन्यजीवों के डर से पूरी तरह निजात दिलाई जा सके।
ग्रामीणों ने वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, हालांकि उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में अन्य गुलदारों की सक्रियता को देखते हुए सतर्कता कम न की जाए।
