देहरादून| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. हरक सिंह रावत द्वारा एक विवादित बयान के बाद गुरुद्वारा जाकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष माफी मांगने को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इसे “नौटंकी” करार दिया है और कांग्रेस नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए हैं।
हनी पाठक ने जताई तीखी प्रतिक्रिया
भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता हनी पाठक ने हरक सिंह रावत की माफी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह पूरा व्यवहार केवल “नौटंकी” प्रतीत होता है।
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हनी पाठक ने कहा कि जिस अंदाज़ में हरक सिंह रावत ने सिर झुकाया, उसमें वह गंभीरता कहीं नहीं दिखी जो एक ‘सिंह दा पुत्तर’ में होती है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि हरक सिंह रावत का बयान और उनका रुख हमेशा कुछ और ही दिशा में दिखाई देता है।
‘1984 के दंगों का कलंक’
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी 1984 के सिख दंगों का कलंक अपने साथ लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि सिख समाज के प्रति कांग्रेस नेतृत्व की वास्तविक भावना हरक सिंह रावत के बयान और उनकी प्रस्तुति से साफ़ झलक रही थी।
हनी पाठक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हरक सिंह रावत के बोलने का अंदाज़ इतना मज़ाकिया था कि लगता है वह पीठ पीछे भी सिख समुदाय का इसी तरह मज़ाक बनाते होंगे।
‘माफी योग्य गलती नहीं’
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस नेता जिस तरह डैमेज कंट्रोल में लगे हैं, उससे यह स्पष्ट है कि उन्हें खुद भी एहसास है कि यह गलती माफ़ किए जाने योग्य नहीं है।
हनी पाठक ने गुरुद्वारा प्रबंधन से अपील की कि वे ऐसी संकुचित और कुंठित सोच रखने वाले व्यक्तियों को पवित्र गुरुद्वारे की धरती पर कदम रखने की अनुमति न दें।
