गंगा दशहरा
उत्तरकाशी: जनपद के विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। मोक्षदायिनी मां गंगा के धरा अवतरण दिवस पर देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां गंगा भागीरथी के पवित्र और शीतल जल में आस्था की डुबकी लगाई और विशेष पूजा-अर्चना कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस दौरान पूरा गंगोत्री धाम श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
वैदिक मंत्रोच्चारण से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
सोमवार सुबह से ही गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मुख्य मंदिर परिसर वैदिक मंत्रोच्चारण, शंखध्वनि और “हर-हर गंगे” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने गंगा घाटों पर स्नान करने के बाद मां गंगा के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
आकर्षण का केंद्र रही राजा भगीरथ की भव्य शोभायात्रा
गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में ठीक सुबह 11 बजे गंगोत्री मंदिर से गंगा घाट तक राजा भगीरथ की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस पारंपरिक शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। “जय गंगे, हर-हर गंगे” के उद्घोष के साथ पूरी घाटी भक्तिमय हो उठी।
पौराणिक महत्व: भगीरथ की तपस्या और गंगा का धरा पर अवतरण पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए 1100 वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से भगवान शिव की जटाओं में आईं और आज ही के दिन धरती पर अवतरित हुईं। मान्यता है कि मां गंगा ने सबसे पहले गंगोत्री धाम में ही धरती को स्पर्श किया था। इसी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कारण हर वर्ष यहाँ राजा भगीरथ की शोभायात्रा निकाली जाती है।
पापों का नाश करता है आज का स्नान: तीर्थ पुरोहित
गंगोत्री धाम के तीर्थ पुरोहित रविंद्र सेमवाल ने बताया कि आज ही के दिन राजा भगीरथ की दीर्घकालीन तपस्या सफल हुई थी और मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था। उन्होंने कहा कि गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से श्रद्धालुओं के सभी पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
सुरक्षा एवं व्यवस्था के कड़े इंतजाम
पर्व को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। घाटों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण के लिए पुख्ता व्यवस्था रही। पूरे दिन गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और माहौल पूरी तरह दिव्य बना रहा।
