सेलाकुई
विकासनगर। सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से जारी मजदूरों का धरना-प्रदर्शन अब उग्र होता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच गतिरोध टूटने का नाम नहीं ले रहा है। कम वेतन, जबरन ओवरटाइम और गेट पास जैसी गंभीर समस्याओं से नाराज सैकड़ों मजदूर फैक्ट्रियों के बाहर जमा होकर लगातार नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे हैं। हालात को बिगड़ता देख और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
मजदूरों का आरोप है कि औद्योगिक क्षेत्र की कई कंपनियों में उनसे तय समय से काफी ज्यादा काम लिया जा रहा है, लेकिन जब उसके बदले उचित वेतन या ओवरटाइम भुगतान की बात आती है, तो प्रबंधन आनाकानी करता है। इसके अलावा रोज़मर्रा के गेट पास को लेकर भी कर्मचारियों को मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। शुक्रवार को प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय और अधिक तनावपूर्ण हो गया, जब भीषण गर्मी और हंगामे के बीच कुछ आंदोलनकारी कर्मचारियों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
आंदोलन कर रहे एक श्रमिक ने बताया, “हम लोग पिछले कई दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन हमारी बात सुनने को तैयार ही नहीं है। कम वेतन और अत्यधिक काम के बोझ से सभी कर्मचारी मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।”
फिलहाल सेलाकुई इंडस्ट्रियल एरिया में स्थिति बेहद तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। जहाँ एक तरफ मजदूर अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय प्रशासन और कंपनी प्रबंधन आपसी बातचीत के जरिए हालात सामान्य करने की कोशिशों में जुटे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में इस विवाद का कोई शांतिपूर्ण समाधान निकलता है या मजदूरों का यह गुस्सा किसी और बड़े आंदोलन का रूप लेता है।
