प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना
देहरादून |उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम पहाड़ी गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में धामी सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान शुरू कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने इस परियोजना की महत्ता को देखते हुए 1,700 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जारी कर दी है।
निविदा प्रक्रिया शुरू, दुर्गम क्षेत्रों पर फोकस
पहाड़ों की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सड़क निर्माण हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है। हालांकि, नई तकनीक और बेहतर संसाधनों के साथ अब दुर्गम इलाकों में भी मोटर मार्ग पहुँचाए जा रहे हैं। PMGSY के उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि आवंटित बजट के साथ ही निर्माण कार्यों के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
180 नई सड़कों को जल्द मिलेगी हरी झंडी
विभाग ने संकेत दिए हैं कि वर्तमान में चल रहे कार्यों के अलावा 180 और नई सड़कों के निर्माण का प्रस्ताव अंतिम चरण में है, जिसे जल्द ही प्रशासनिक स्वीकृति मिल जाएगी। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक गांव को पक्की सड़क से जोड़ना है, ताकि ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ के सपने को साकार किया जा सके।
गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सड़कों के पहुँचने से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि इसके दूरगामी लाभ भी देखने को मिलेंगे:
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स्वास्थ्य सेवाएँ: मरीजों को समय पर अस्पताल पहुँचाना संभव होगा।
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शिक्षा: शिक्षकों और छात्रों के लिए आवाजाही सुगम होगी।
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पलायन पर रोक: सड़कों से रोजगार और पर्यटन के अवसर बढ़ेंगे, जिससे गांवों से हो रहे पलायन में कमी आएगी।
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कृषि: स्थानीय उत्पादों को शहर की मंडियों तक पहुँचाना आसान होगा।
“हमारा संकल्प प्रदेश के हर गांव तक सड़क पहुँचाना है। ₹1700 करोड़ के बजट से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और जल्द ही 180 अन्य सड़कों को भी मंजूरी दी जाएगी ताकि कोई भी क्षेत्र विकास से अछूता न रहे।”— उपाध्यक्ष, PMGSY उत्तराखंड
