वन विभाग
हरिद्वार। राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित वन क्षेत्र में स्थित मां सुरेश्वरी देवी मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजान दास के बेटे की शादी विवादों के घेरे में आ गई है। टाइगर रिजर्व के कड़े नियमों को ताक पर रखकर की गई भव्य तैयारियों पर हंगामा होने के बाद, पार्क प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए मंदिर समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पंडाल और जनरेटर देख मचा हड़कंप
शनिवार को मंदिर परिसर में शादी के लिए बड़ा पंडाल, स्टेज, कूलर और भारी-भरकम जनरेटर लगाए गए थे। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, वन्यजीव प्रेमियों और प्रशासन में हड़कंप मच गया। नियमों के मुताबिक, रिजर्व फॉरेस्ट में इस तरह के भारी सामान और शोर-शराबे की सख्त मनाही है। मामले ने तूल पकड़ा तो वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर आनन-फानन में सारा सामान वहां से हटवाया।
मंत्री बोले: “अधिकारियों ने दी थी मौखिक सहमति”
रविवार को बेटे के विवाह संस्कार के लिए मंदिर पहुँचे मंत्री खजान दास ने इस पूरे घटनाक्रम को ‘राजनीतिक साजिश’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की सेहत मां सुरेश्वरी के आशीर्वाद से ठीक हुई थी, इसलिए उनकी श्रद्धा थी कि शादी यहीं हो। मंत्री ने दावा किया कि कुछ दिन पहले जब वह मंदिर आए थे, तब वन निदेशक उनके साथ थे और उन्होंने शादी के आयोजन पर सहमति जताई थी। मंत्री ने कहा, “अगर अधिकारी मुझे पहले ही नियमों का हवाला देकर मना कर देते, तो मैं कहीं और शादी का प्रबंध कर लेता।”
श्रद्धालु हुए परेशान, सादगी से हुए फेरे
विवाद के बाद रविवार सुबह पार्क प्रशासन ने रानीपुर गेट को पूरी तरह बंद कर दिया, जिससे दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। करीब 12 बजे गेट दोबारा खोले गए। हंगामे को देखते हुए शादी का भव्य कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और केवल सीमित संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच पूजा-अर्चना और फेरों की रस्म अदा की गई।
प्रशासन का इनकार
दूसरी ओर, राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने किसी भी तरह की लिखित या मौखिक अनुमति देने की बात से साफ इनकार किया है। विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। मंदिर समिति के महामंत्री आशीष मारवाड़ी ने कहा कि आयोजन को गलत तरीके से पेश किया गया है, उनका उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान और भंडारा करना था।
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