पेड़ गिरने से
वन विभाग और फायर ब्रिगेड पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा; लापरवाही के गंभीर आरोप
रामनगर। रविवार की देर रात क्षेत्र में आए भीषण आंधी-तूफान ने जमकर तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा ने ग्राम रिंगौड़ा निवासी एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। घर के आंगन में खड़े एक विशालकाय हल्दू का पेड़ गिरने से प्रकाश उपाध्याय के 11 वर्षीय पुत्र कार्तिक उपाध्याय की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं।
वर्ष 2012 से लंबित थी शिकायत
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस पेड़ की चपेट में आने से मासूम की जान गई, उसे काटने और लौपिंग के लिए वर्ष 2012 से लगातार वन विभाग को लिखित शिकायतें दी जा रही थीं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की इसी उदासीनता और लापरवाही ने आज एक बच्चे की जान ले ली। गांव में अभी भी कई ऐसे जर्जर पेड़ खड़े हैं, जो भविष्य में बड़े हादसों को दावत दे रहे हैं।
फायर ब्रिगेड कर्मचारियों पर अभद्रता का आरोप
हादसे के वक्त मदद की गुहार लेकर फायर ब्रिगेड कार्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सूचना देने पर वहां मौजूद कर्मियों ने “संसाधन न होने” का हवाला दिया और विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता व धक्का-मुक्की की। ग्रामीणों ने दोषी कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भारी नुकसान का आकलन जारी
आंधी-तूफान से पूरे नगर और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है।
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विद्युत आपूर्ति ठप: कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
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वाहनों को क्षति: सड़कों पर पेड़ गिरने से कई वाहन दबकर चकनाचूर हो गए हैं।
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राजस्व विभाग की कार्रवाई: प्रशासन ने नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए राजस्व टीम को क्षेत्र में रवाना कर दिया है।
फिलहाल, प्रशासनिक टीम ने रिंगौड़ा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। परिजनों को सांत्वना देने के बाद मृतक किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है।
