कुसुम कंडवाल
देहरादून |अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में उत्तराखंड महिला आयोग ने प्रदेश की महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए एक विशेष अभियान का आगाज किया है। 9 मार्च से 13 मार्च तक चलने वाले इस ‘जनसुनवाई सप्ताह’ के तहत सभी जिला मुख्यालयों पर पीड़ित महिलाओं की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया जा रहा है।
देहरादून में 25 मामलों की सुनवाई, FIR के आदेश
अभियान के पहले दिन सोमवार को महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने खुद देहरादून में जनसुनवाई की। इस दौरान कुल 25 मामले सामने आए, जिनमें मुख्य रूप से:
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घरेलू हिंसा से संबंधित प्रताड़ना।
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संपत्ति विवाद से जुड़े पारिवारिक मामले।
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अन्य सामाजिक एवं व्यक्तिगत समस्याएं।
अध्यक्ष ने मौके पर ही मौजूद पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। जिन मामलों में अपराध की पुष्टि हुई, वहां तत्काल FIR दर्ज करने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
न्याय का संतुलित दृष्टिकोण: ‘दोनों पक्षों की होगी सुनवाई’
कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि आयोग का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा:
“हम हर मामले में दोनों पक्षों की बात सुन रहे हैं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि महिला की गलती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हमारा लक्ष्य पीड़ित को न्याय दिलाना है, चाहे वह कोई भी हो।”
प्रमुख जानकारी: जनसुनवाई का शेड्यूल
आयोग ने अपील की है कि जो भी महिलाएं पारिवारिक या अन्य समस्याओं से परेशान हैं, वे बिना किसी डर के अपने जिले के जनसुनवाई कार्यक्रम में पहुँचकर अपनी बात रख सकती हैं।
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