गैरसैंण
गैरसैंण | उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में विधानसभा की गैलरी इन दिनों अपनी खूबसूरती और सांस्कृतिक छटा के कारण चर्चा का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय और युवा कलाकारों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स ने न केवल सदन के गलियारों को जीवंत कर दिया है, बल्कि देवभूमि की समृद्ध लोक परंपराओं को भी एक नया मंच प्रदान किया है।
कलाकृतियों में जीवंत हुई पतित पावनी गंगा और लोक संस्कृति
विधानसभा की गैलरी में प्रदर्शित चित्रों में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को बेहद बारीकी से उकेरा गया है। इन पेंटिंग्स की मुख्य विशेषताएं हैं:
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गंगा का चित्रण: कलाकारों ने माँ गंगा के उद्गम और उसके आध्यात्मिक महत्व को कैनवास पर उतारा है।
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सांस्कृतिक झलक: प्रदेश की लोक परंपराओं, वाद्य यंत्रों और ग्रामीण जीवन की जीवंत प्रस्तुति।
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युवा प्रतिभा: इन चित्रों को प्रदेश के उभरते हुए युवा कलाकारों ने अपनी मेहनत से तैयार किया है।
राज्यपाल ने बढ़ाया कलाकारों का उत्साह
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वयं राज्यपाल ने इन कलाकृतियों का अवलोकन किया और कलाकारों की प्रतिभा को देखकर उन्हें प्रोत्साहित किया।
“हमारे युवा कलाकारों ने गंगा और उत्तराखंड की संस्कृति को जिस खूबसूरती से चित्रों में पिरोया है, वह काबिले तारीफ है। विधानसभा की गैलरी आज प्रदेश की कला का गौरव बढ़ा रही है।” — ऋतु खंडूरी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष
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बड़े मंचों पर मिलेगा कलाकारों को मौका
विधानसभा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया कि सरकार और प्रशासन इन कलाकारों को केवल विधानसभा तक सीमित नहीं रखेंगे। उन्होंने कहा:
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इन कलाकृतियों को उत्तराखंड के बड़े मंचों पर प्रदर्शित और प्रचारित किया जाएगा।
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स्थानीय प्रतिभाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ने के लिए उचित अवसर और प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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इस पहल से प्रदेश की विलुप्त होती लोक कलाओं को नई पहचान मिलेगी।
